यमुना हादसे के बाद सरकार का बड़ा कदम, अब 24 घंटे मिलेगी राहत और बचाव सेवा
मथुरा,संवाददाता : मथुरा-वृन्दावन में 10 अप्रैल को यमुना नदी में मोटरबोट पलटने से 16 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मथुरा में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक स्थाई प्लाटून तैनात कर दी है। अब किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लाटून में 36 प्रशिक्षित जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसी आपदा की स्थिति में एसडीआरएफ की टीम लखनऊ और गाजियाबाद से बुलानी पड़ती थी, जिससे राहत कार्य शुरू होने में काफी समय लग जाता था। अब जिले में ही टीम मौजूद रहने से त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
एसएसपी ने बताया कि केसी घाट पर हुए हादसे ने स्थानीय आपदा प्रबंधन व्यवस्था की कमियों को उजागर किया था। खासतौर पर मानसून के दौरान यमुना में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने में यह प्लाटून स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के जवान बाढ़, डूबने, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं। सरकार का यह कदम मथुरा के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए भी बेहद राहतभरा साबित होगा।
























