सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की
नई दिल्ली : सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। नए संशोधन के तहत दोनों ईंधनों के दाम में लगभग तीन रुपये प्रति लीटर तक इजाफा किया गया है। कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती लागत और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण की गई है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल के दाम 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए हैं।
बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है। हालांकि, जितनी वृद्धि की आवश्यकता थी, मौजूदा बढ़ोतरी उसका केवल लगभग दसवां हिस्सा ही मानी जा रही है। सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ती लागत के बावजूद करीब 11 सप्ताह तक ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन संचालन पर बढ़ते आर्थिक दबाव के चलते आखिरकार उपभोक्ताओं पर लागत का कुछ बोझ डालना पड़ा। गौरतलब है कि अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। वहीं, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने दोनों ईंधनों के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल के नए दाम
| शहर | पेट्रोल कीमत (रु./लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 97.77 (+3.00) |
| कोलकाता | 108.74 (+3.29) |
| मुंबई | 106.68 (+3.14) |
| चेन्नई | 103.67 (+2.83) |
प्रमुख शहरों में डीजल के नए दाम
| शहर | डीजल कीमत (रु./लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 90.67 (+3.00) |
| कोलकाता | 95.13 (+3.11) |
| मुंबई | 93.14 (+3.11) |
| चेन्नई | 95.25 (+2.86) |
ईंधन कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।























