जानिए पूजा विधि, व्रत नियम और भाग्योदय के खास उपाय
ज्योतिषाचार्य डॉ उमाशंकर मिश्रा, लखनऊ : हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज गुरुवार, 28 मई को प्रदोष व्रत के अवसर पर शिव भक्त विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, आज के दिन विधिपूर्वक शिव पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से भगवान महादेव की कृपा प्राप्त होती है तथा भाग्योदय के योग बनते हैं।
ऐसे करें प्रदोष व्रत और पूजा
- प्रातः स्नान के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी महाराज का पंचामृत एवं गंगाजल से अभिषेक करें।
- इसके बाद बेलपत्र, चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल, पान, सुपारी, लौंग और इलायची अर्पित करें।
- श्रद्धालु पूरे दिन निराहार रहें। यदि संभव न हो तो फलाहार ग्रहण कर सकते हैं।
- सायंकाल पुनः शिव परिवार की पूजा करें।
- भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं।
- आठ दिशाओं में आठ दीपक प्रज्वलित करें।
- शिव आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलें।
- इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन विशेष फलदायी माना गया है।
भाग्योदय के लिए करें ये विशेष उपाय
सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को जल अर्पित करें। अर्घ्य के जल में आक (आंकड़े) के फूल अवश्य मिलाएं। धार्मिक मान्यता है कि आक के फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। इस उपाय से सूर्यदेव और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन के कार्यों में सफलता और शुभ फल मिलने की मान्यता है।






















