केली कुंज आश्रम का बड़ा फैसला, दर्शन और वार्तालाप भी बंद
मथुरा, संवाददाता : वृंदावन के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज की देर रात होने वाली पदयात्रा को एक बार फिर रोक दिया गया है। केली कुंज आश्रम की ओर से जारी सूचना के अनुसार, महाराज की प्रातः सौभरी वन (सौभरी कुंड) तक होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
रात 3 बजे शुरू होती थी पदयात्रा
संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित सौभारी कुंड तक पदयात्रा कर रहे थे। यह यात्रा रोजाना रात 3 बजे शुरू होती थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे। भक्त घंटों पहले से आश्रम पहुंचकर महाराज के दर्शन और पदयात्रा में शामिल होने का इंतजार करते थे।
शनिवार को उमड़ी भारी भीड़
शनिवार को हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो गए। आश्रम से लेकर सौभरी वन तक श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि रास्तों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। सेवादारों को व्यवस्था संभालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा था।
आश्रम की ओर से जारी हुई सूचना
“पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार प्रातः सौभरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाते हैं। कृपया इस सूचना को सहर्ष स्वीकार करें।” हालांकि आश्रम ने स्थगन की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है। जानकारों का मानना है कि यह फैसला आने वाले अधिक मास को देखते हुए लिया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास में तीर्थस्थलों और धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचने के लिए आश्रम प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
भक्तों में निराशा, लेकिन फैसले का समर्थन
इस खबर से भक्तों में निराशा जरूर है, लेकिन अधिकांश श्रद्धालु महाराज के निर्णय का सम्मान कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि जब भी पदयात्रा दोबारा शुरू होगी, वे पहले से अधिक उत्साह के साथ शामिल होंगे। आश्रम की ओर से श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और आधिकारिक सूचना का इंतजार करने की अपील की गई है।





















