ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्रा
- विक्रम संवत : 2083
- शक संवत : 1948
- अयन : उत्तरायण
- ऋतु : ग्रीष्म ऋतु
- मास : अधिक ज्येष्ठ
- पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि
द्वादशी प्रातः 8:31 बजे तक, तत्पश्चात त्रयोदशी प्रारंभ।
आज प्रदोष व्रत का विशेष संयोग।
नक्षत्र
चित्रा प्रातः 9:06 बजे तक, तत्पश्चात स्वाती नक्षत्र।
योग
वरीयान योग रात्रि 4:42 बजे तक, तत्पश्चात परिघ योग।
राहुकाल
दोपहर 1:30 बजे से सायं 3:00 बजे तक।
सूर्योदय / सूर्यास्त
- सूर्योदय : प्रातः 5:17 बजे
- सूर्यास्त : सायं 6:43 बजे
दिशाशूल
दक्षिण दिशा में।
आज का विशेष पर्व
प्रदोष व्रत विशेष
आज प्रदोष पूजा के लिए अत्यंत शुभ एवं सर्वोत्तम मुहूर्त है।
संध्या 6:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक शिव आराधना विशेष फलदायी रहेगी।
पुरुषोत्तम मास का दुर्लभ उपाय
आज प्रदोष काल में शिवलिंग पर केसर एवं पीला चंदन अर्पित करें।
महामृत्युंजय मंत्र एवं मृत संजीवनी मंत्र का जाप करें।
इससे जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं, सफलता के मार्ग खुलते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
नेत्रज्योति रक्षा उपाय
भोजन के बाद आँखों पर जल के छींटे डालें अथवा गीली हथेलियाँ आँखों पर रखें।
दोनों हथेलियाँ रगड़कर यह संकल्प करें —
“ॐ ॐ ॐ मेरी आरोग्यशक्ति जगे, नेत्रज्योति जगे…”
ऐसा करने से नेत्रज्योति बनी रहती है एवं आँखों के रोगों में लाभ मिलता है।
गुरुवार व्रत का महत्व
भगवान विष्णु, श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं गुरु की आराधना का विशेष दिन।
आज करें ये उपाय :
- बेसन एवं मिश्री का मीठा भोग लगाएँ
- पीले वस्त्र धारण करें
- आम के वृक्ष में जल अर्पित करें
- गुरु मंत्र एवं बृहस्पति मंत्र का जाप करें
लाभ :
- विद्या प्राप्ति में सहायता
- बुद्धि वृद्धि
- धन की स्थिरता
- विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण
- करियर एवं पारिवारिक सुख में वृद्धि























