कोर्ट में पेशी के बाद बोले, ‘न्यायपालिका पर पूरा भरोसा’
नई दिल्ली, संवाददाता : शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों और अदालतों में चर्चा में रहा है।
शुक्रवार को अदालत में पेश होने के बाद वाड्रा ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी सरकार के इशारों पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। वाड्रा ने खुद को निडर बताते हुए कहा कि वह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। इस दौरान उनके वकीलों ने अदालत में उनका पक्ष रखा।
क्या है पूरा मामला
यह मामला फरवरी 2008 के एक जमीन सौदे से जुड़ा है। आरोप है कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने हरियाणा के शिकोहपुर में करीब 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी, जिसे बाद में 2012 में रियल एस्टेट कंपनी DLF को लगभग 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। ED का आरोप है कि इस सौदे में जमीन से जुड़े कागजी काम और मंजूरियां तेजी से दी गईं, जिससे जमीन की कीमत असामान्य रूप से बढ़ गई। एजेंसी का कहना है कि यह पूरा लेनदेन मनी लॉन्ड्रिंग के तहत संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।
कोर्ट में आगे की कार्रवाई
दिल्ली हाई कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई जारी है। वाड्रा की ओर से दलील दी गई कि जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, वे 2008 से 2012 के बीच की हैं और कुछ धाराएं बाद में लागू हुईं। वहीं ED ने इस दलील का विरोध किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।






















