राजनीति में अलग राह, लेकिन सम्मान हमेशा कायम
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित मुलायम परिवार को लेकर अक्सर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन परिवार के भीतर रिश्तों की सच्चाई इससे अलग रही है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके छोटे भाई प्रतीक यादव के बीच हमेशा मजबूत और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।
हाल ही में लखनऊ के श्मशान घाट से आई एक तस्वीर में यह भावनात्मक रिश्ता फिर सामने आया, जिसमें प्रतीक की बेटी पद्मजा अपने ताऊ अखिलेश यादव की गोद में मुस्कुराती नजर आई। इस दौरान अखिलेश भी उसे दुलारते और चॉकलेट खिलाते दिखे।
बचपन से ही मजबूत रहा रिश्ता
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच उम्र का बड़ा अंतर होने के बावजूद कभी दूरी नहीं आई। जब Mulayam Singh Yadav लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते थे, तब अखिलेश और प्रतीक अक्सर साथ में बैडमिंटन खेला करते थे।
फिटनेस और लाइफस्टाइल में समानता
दोनों भाइयों की रुचि फिटनेस में भी समान रही। प्रतीक जहां बॉडीबिल्डिंग और जिम के शौकीन रहे, वहीं अखिलेश अपनी साइकिलिंग और फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। परिवार के करीबी बताते हैं कि दोनों की बातचीत अक्सर डाइट और वर्कआउट को लेकर होती थी। जब समाजवादी पार्टी की कमान को लेकर चर्चा हुई, तब प्रतीक ने स्वयं अखिलेश के नेतृत्व का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश उनसे अधिक समझदार हैं, इसलिए पार्टी की जिम्मेदारी उन्हें ही मिलनी चाहिए। इसके बाद प्रतीक ने राजनीति से दूरी बनाकर अपना ध्यान व्यवसाय पर केंद्रित किया।
हर सुख-दुख में साथ
परिवार में यह समझ रही कि दोनों एक-दूसरे के कार्यक्षेत्र में दखल नहीं देंगे। प्रतीक की शादी में भी पारिवारिक एकता साफ दिखाई दी थी, जहां सभी ने मिलकर जिम्मेदारियां निभाईं। मुलायम सिंह यादव के निधन के समय भी दोनों भाई एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आए। प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के राजनीति में सक्रिय होने और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बावजूद भी अखिलेश यादव ने संयमित प्रतिक्रिया दी थी और इसे उनका व्यक्तिगत निर्णय बताया था। इस प्रकार, राजनीतिक चर्चाओं और बाहरी धारणाओं के बीच मुलायम परिवार के भीतर भाईचारे और सम्मान की एक अलग ही तस्वीर सामने आती रही है।























