महिला आरक्षण और जनगणना पर उठाए सवाल, सरकार की नीतियों पर निशाना
लखनऊ/जयपुर, संवाददाता : समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा मुद्दों पर घिरती है तो वह संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के जरिए की जा रही कार्रवाई अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है।
जयपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए वोट कटवाने की साजिश रचती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के वोट कम करने के लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 भरे गए, लेकिन शिकायत के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि कई ऐसे लोगों के नाम पर भी फर्जी हस्ताक्षर किए गए जो हस्ताक्षर तक नहीं कर सकते, फिर भी दोषियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अन्याय और अत्याचार बढ़े हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को एकजुट कर सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, “जहां पीड़ा है, वहीं पीडीए है,” और दावा किया कि यही गठजोड़ 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर करेगा। भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने और महंगाई कम करने जैसे वादे पूरे नहीं किए गए। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक नेतृत्व का अवसर खो दिया है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है और पुराने जनगणना आंकड़ों के आधार पर आरक्षण लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने नई जनगणना के आधार पर नीति बनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और उपचुनावों में विपक्ष के वोट कटवाने की घटनाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगी।






















