सीसीटीवी फुटेज दिखाने की दी चुनौती
नई दिल्ली, संवाददाता : आम आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच शनिवार को जुबानी जंग तेज हो गई। चड्ढा ने पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ चलाया गया ‘‘सुनियोजित अभियान’’ बताया।
एक वीडियो संदेश में चड्ढा ने कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है और उनका उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है, न कि हंगामा करना। फिल्म ‘धुरंधर’ के एक संवाद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हर झूठ का पर्दाफाश होगा, क्योंकि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।’’ चड्ढा की यह प्रतिक्रिया आम आदमी पार्टी द्वारा उन पर किए गए तीखे हमले के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में मुखर न होने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से भी हटा दिया गया था।
उन्होंने विपक्ष के साथ बहिर्गमन में शामिल न होने के आरोप को ‘‘सरासर झूठ’’ बताते हुए चुनौती दी कि कोई एक उदाहरण पेश किया जाए जहां उन्होंने बहिर्गमन का समर्थन न किया हो। उन्होंने कहा कि संसद में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सच्चाई सामने आ सकती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने के आरोप पर भी उन्होंने कहा कि उनसे इस संबंध में कभी औपचारिक या अनौपचारिक रूप से कोई अनुरोध नहीं किया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
चड्ढा ने कहा कि वह अनावश्यक विवादों में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन बार-बार झूठ दोहराए जाने पर जवाब देना जरूरी हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में उनका फोकस जीएसटी, आयकर, दिल्ली में वायु प्रदूषण, पंजाब के जल संकट, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रेल यात्रियों की समस्याओं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर रहा है। उन्होंने कहा कि वह संसद में हंगामा करने के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने के लिए जाते हैं, क्योंकि यह जनता के पैसे से चलती है और उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों की समस्याओं को सामने लाया जाए।
























