नागौर में कई लोग बने शिकार, पुलिस ने अनजान वीडियो कॉल से सावधान रहने की दी सलाह
मेड़ता/नागौर : सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग एप्स का बढ़ता उपयोग अब साइबर अपराधियों के लिए ठगी का नया हथियार बनता जा रहा है। नागौर जिले के मेड़ता उपखंड क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग अनजान नंबरों से वीडियो कॉल कर लोगों की तस्वीर और वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने और किसी भी अनजान वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करने की अपील की है।
20 सेकंड की कॉल के बाद शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
रियाश्यामदास कस्बे के एक युवक के पास शनिवार शाम एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक युवती अश्लील हरकतें करती दिखाई दी। कुछ ही सेकंड बाद कॉल कट गया। करीब आधे घंटे बाद युवक के मोबाइल पर एक वीडियो भेजा गया, जिसमें उसका चेहरा दिखाई दे रहा था। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से कॉल कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और 20 हजार रुपए की मांग की गई। घबराए युवक ने साइबर विशेषज्ञ की मदद ली और अपने सोशल मीडिया अकाउंट अस्थायी रूप से बंद करवाए, जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गया।
महिलाएं भी बनीं निशाना
जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में सरकारी स्कूल के कर्मचारियों, ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों, ग्रामीण युवकों और चार महिलाओं को भी इस गिरोह ने निशाना बनाया। इनमें से दो महिलाओं ने बदनामी के डर से 10-10 हजार रुपए साइबर ठगों के खातों में भेज दिए। वहीं अन्य मामलों में करीब एक दर्जन युवकों से कुल 1.12 लाख रुपए की ठगी होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे काम करता है गिरोह
साइबर अपराधी किसी युवती के नाम से वीडियो कॉल करते हैं या पहले से रिकॉर्ड किए गए अश्लील वीडियो स्क्रीन पर चलाते हैं। कॉल के दौरान सामने वाले व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जाता है। बाद में एडिट किए गए वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी जाती है। सामाजिक बदनामी के डर से कई पीड़ित पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भी बचते हैं।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
गोटन थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल रिसीव करने से बचें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल सार्वजनिक न रखें। यदि कोई व्यक्ति वीडियो या फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय रहते सूचना मिलने पर ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।























