इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में अब 27 मई को होगी सुनवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले की पत्रावली सील
लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता मामले की सुनवाई शुक्रवार को टल गई। याचिकाकर्ता और कर्नाटक भाजपा नेता एस. विग्नेश शिशिर सुरक्षा कारणों से अदालत नहीं पहुंच सके, जिसके चलते कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 मई निर्धारित की है।
याचिका में राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता रखने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत जांच कराने की मांग की है। इससे पहले यह याचिका एमपी-एमएलए कोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा।
आय से अधिक संपत्ति मामले में पत्रावली सील
राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल एक अन्य याचिका में हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मामले से जुड़ी पूरी पत्रावली को सील कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सभी दस्तावेज वरिष्ठ रजिस्ट्रार की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएंगे और अगली सुनवाई के दौरान ही सील खोली जाएगी। खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को दोपहर 2:15 बजे चैंबर में तय की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपने तर्क पेश किए, जबकि सरकारी वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
CBI और ED समेत कई एजेंसियां बनाई गईं प्रतिवादी
याचिका में CBI निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग, गृह मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से जुड़ा है। यह याचिका 6 मई को न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध हुई थी। याचिका में राहुल गांधी और उनके परिवार की संपत्तियों को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक बताया गया है।
राजनीतिक हलचल तेज
मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। कांग्रेस ने इन याचिकाओं को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार देते हुए खारिज किया है, जबकि भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस परिवार की संपत्तियों को लेकर पहले भी विभिन्न मंचों पर सवाल उठते रहे हैं।
























