सस्ते कच्चे तेल से ईंधन कीमतों को मिलेगी स्थिरता
नई दिल्ली। भारत और वेनेजुएला के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 678.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को सबसे बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है। वेनेजुएला मई 2026 तक भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन सकता है। इससे भारत को सस्ते कच्चे तेल की स्थिर आपूर्ति मिलेगी और मध्य-पूर्वी देशों पर निर्भरता कम होगी।
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) और वेनेजुएला की तेल कंपनी के संयुक्त उपक्रमों को भी नई गति मिलने की संभावना है। इसके अलावा फार्मास्युटिकल्स, आयुष, डिजिटल समाधान और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए निवेश और व्यापारिक अवसर खुलेंगे। इसी कड़ी में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पांच दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंची हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।





















