भीषण गर्मी और लू के चलते लखनऊ के सभी स्कूल बंद
लखनऊ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले तीन दिनों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि आगामी 48 घंटे बेहद संवेदनशील हो सकते हैं और प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले सात दिनों तक लू का सितम जारी रहेगा।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: राजधानी लखनऊ के सभी स्कूल बंद
प्रचंड गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है: सभी बोर्ड के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। आदेश के बाद राजधानी के सभी विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
बांदा में पारा 47.6 डिग्री पार, इन जिलों में अलर्ट जारी
प्रदेश में बांदा लगातार पांचवें दिन सबसे गर्म जिला रिकॉर्ड किया गया, जहाँ अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा अन्य शहरों में भी तापमान 43 से 45 डिग्री के पार चल रहा है।
- रेड अलर्ट वाले जिले: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर और बुंदेलखंड के इलाके।
- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: कानपुर, आगरा, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), झांसी, ललितपुर और मथुरा।
- लू की चेतावनी (Yellow Alert): लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या और देवरिया सहित कई अन्य जिले।
मौसम वैज्ञानिक क्या कहते हैं? मौसम विभाग के अनुसार, इस भीषण गर्मी का मुख्य कारण एंटी-साइक्लोन (प्रति-चक्रवात) और शुष्क पछुआ हवाएं हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में बेवजह घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीते रहने की सलाह दी है।
25 मई से ‘नौतपा’ की शुरुआत, लोककवि घाघ की कहावत चर्चा में
आगामी 25 मई से 2 जून तक ‘नौतपा’ रहेगा, जिससे गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। इस बीच कन्नौज के प्रसिद्ध लोककवि घाघ की एक सदियों पुरानी कहावत फिर चर्चा में आ गई है:
“तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय”
इसका अर्थ है कि यदि नौतपा के इन 9 दिनों में सूरज जमकर तपता है और प्रचंड गर्मी पड़ती है, तो उस साल मानसून में बेहद शानदार और भरपूर बारिश होती है।
बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 33,000 मेगावाट तक पहुँची डिमांड
गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की खपत ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है। रात के समय राज्य में बिजली की मांग 32,000 से 33,000 मेगावाट को छू रही है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के निदेशक वितरण ज्ञानेन्द्र धर द्विवेदी ने बताया कि 22 मई को दोपहर 2:30 बजे राज्य में 30,357 मेगावाट की रिकॉर्ड उच्चतम बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। कारपोरेशन उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने के लिए एनर्जी एक्सचेंजों, शॉर्ट-टर्म व लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट्स और दूसरे राज्यों से ‘ऊर्जा बैंकिंग’ के जरिए अतिरिक्त बिजली का इंतजाम कर रहा है।
























