अलमारी के नीचे बने गुप्त रास्ते से पहुंचती थी फैक्ट्री, बीसीए छात्र समेत चार गिरफ्तार
मेरठ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाली अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा किया है। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में संचालित इस फैक्ट्री का प्रवेश द्वार कमरे में रखी एक अलमारी के नीचे बनाई गई गुप्त सुरंग से होता था। मंगलवार देर रात इंचौली पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार, कमरे में रखी अलमारी हटाने पर नीचे जाने का रास्ता मिला, जहां सुरंग के अंदर अवैध तमंचे तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बीसीए का छात्र उमंग ठाकुर भी शामिल है। मुख्य आरोपी इमरान (40) बताया जा रहा है, जो करीब 25 वर्ष पहले भी अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस ने फैक्ट्री से एक अधबना तमंचा, दो तैयार तमंचे, 36 स्प्रिंग, 45 नाल, 12 बोर की नाल के कई टुकड़े, 115 स्प्रिंग केस समेत भारी मात्रा में हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। इसके अलावा वेल्डिंग मशीन, खराद मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल बिट, बेंच वाइस, रिंच, पेचकस, आरी और रेती जैसी मशीनरी भी जब्त की गई। जांच में सामने आया कि गिरोह के सभी सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। मुख्य आरोपी इमरान हथियार बनाने का काम करता था, जबकि अन्य आरोपी सप्लाई और ग्राहक लाने का कार्य संभालते थे। बीसीए छात्र उमंग ठाकुर अंतिम ग्राहकों तक हथियार पहुंचाने और बिक्री का काम करता था।
एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी ऑन-डिमांड तमंचे बनाकर उनकी सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार, इमरान के खिलाफ मेरठ के विभिन्न थानों तथा दिल्ली में आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वहीं अन्य आरोपियों कुलदीप और नरेंद्र पर भी हथियारों से संबंधित मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन और ग्राहकों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
























