घोरहा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
अमेठी,संवाददाता : अमेठी जिले के विकास खंड भादर स्थित घोरहा गांव में संतोष सिंह के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के पांचवें दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और भारत दर्शन की कथा सुन भाव-विभोर हो गए। कथा का वाचन श्री श्री 1008 जगद्गुरु परमहंसाचार्य स्वामी दयानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा किया जा रहा है।

कथाव्यास महाराज ने कहा कि मनुष्य दुख के समय तो ईश्वर को याद करता है, लेकिन सुख के समय उन्हें भूल जाता है। यदि सुख में भी भगवान का स्मरण किया जाए तो जीवन में दुख का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार भक्तों के उद्धार और दुष्टों के संहार के लिए हुआ था।
उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं यह संदेश दिया है। कथावाचक ने बताया कि “कृष्ण” शब्द का अर्थ है आकर्षित करने वाली शक्ति, जो चेतना के सर्वोच्च शिखर का प्रतीक है। भगवान जीवों के कल्याण और उन्हें सन्मार्ग पर लाने के लिए अवतार धारण करते हैं।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि कंस की चचेरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ हुआ था। विदाई के समय आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र कंस का वध करेगा। यह सुनते ही कंस ने देवकी को मारने के लिए तलवार उठा ली, लेकिन वासुदेव के समझाने पर उसने देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया। वहीं कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।

श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर बंटी सिंह, दीपक सिंह, गोपाल सिंह, प्रगति सिंह, रेखा सिंह, आरती सिंह, राम प्रसाद मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, इंद्रजीत जी जिला कार्यवाह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।























