फरार होने की फिराक में था आरोपी, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में मारा गया
गाजियाबाद। खोड़ा क्षेत्र में बकरीद के दिन 11वीं के छात्र सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने शनिवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार, आरोपी गाजियाबाद छोड़कर फरार होने की तैयारी में था और अपने परिचितों से पैसे लेने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे घेर लिया।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सूचना मिली थी कि वह खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। शनिवार देर रात करीब दो बजे वसुंधरा-खोड़ा मार्ग पर बाइक से आ रहे एक युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगा।
पुलिस के अनुसार, पीछा करने के दौरान आरोपी ने कई राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया। बाद में उसकी पहचान असद के रूप में हुई। घायल अवस्था में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देसी पिस्टल, कारतूस और दिल्ली से चोरी की गई बाइक बरामद करने का दावा किया है। मुठभेड़ के दौरान सिपाही अनुराग रावत भी घायल हो गए, जिनका उपचार कराया गया।
बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या
खोड़ा के नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की 28 मई को चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि असद ने उसे कुर्बानी दिखाने के बहाने बुलाया था और फिर उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान अगले दिन उसकी मौत हो गई थी।
पिता और साथियों की भूमिका भी आई सामने
जांच के दौरान पुलिस ने असद के पिता नवाब और उसके दो साथियों फरहान तथा आतिफ को गिरफ्तार किया था। रविवार को अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि बाइक चलाने को लेकर असद और सूर्या के बीच पहले से विवाद था। आरोप है कि असद के पिता ने उसे हत्या के लिए उकसाया था, जबकि वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की व्यवस्था फरहान ने की थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से सूर्या को बुलाकर हमला किया गया।
मकान बेचकर बदला था ठिकाना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि असद के पिता नवाब ने करीब छह महीने पहले नवनीत विहार स्थित अपना मकान बेच दिया था। इसके बाद परिवार मदरसे वाली गली में रहने लगा था। सूर्या हत्याकांड के बाद से परिवार के दोनों मकानों पर ताले लगे हुए हैं और परिजन क्षेत्र छोड़ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
























