अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल से बढ़ी चिंता, बाजार में घबराहट का माहौल
मुंबई: सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,200 अंक यानी 1.6% गिरकर इंट्राडे में 72,392 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 350 अंक यानी 1.5% टूटकर 22,470 के निचले स्तर पर आ गया। इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों को कुछ ही मिनटों में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 422 लाख करोड़ रुपये से घटकर 417 लाख करोड़ रुपये रह गया।
वैश्विक तनाव का असर
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव है, जो अब एक महीने से ज्यादा लंबा खिंच चुका है। इस संघर्ष को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की ओर से युद्धविराम प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन औपचारिक बातचीत अब तक शुरू नहीं हो सकी है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। होर्मुज स्ट्रेट से आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने कीमतों को और बढ़ा दिया है। भारत, जो अपनी 85-90% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इस स्थिति से आर्थिक दबाव में आ सकता है।
इंडिया VIX 28 के पार
वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) में 6% की तेजी आई और यह 28 के स्तर से ऊपर पहुंच गया। आमतौर पर यह इंडेक्स 12-15 के बीच रहता है, लेकिन 15 के ऊपर जाने का मतलब है कि बाजार में आने वाले दिनों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि VIX का 28 के पार जाना बाजार में बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता का संकेत है। ऊर्जा आपूर्ति में बाधा, वैश्विक महंगाई और आर्थिक विकास पर संभावित असर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
























