31 जिलों में स्वयं सहायता समूहों की बड़ी सफलता, रोजाना 10 लाख लीटर दूध का हो रहा संग्रहण
लखनऊ, संवाददाता : प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल कायम करते हुए दुग्ध उत्पादन और संग्रहण के क्षेत्र में बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। योगी सरकार की योजनाओं और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से 31 जिलों की महिलाओं ने करीब 5000 करोड़ रुपये का दूध कारोबार खड़ा कर दिया है।
महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर ये महिलाएं प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रही हैं। इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है। प्रदेश के 6 हजार से अधिक गांवों की महिलाएं इस अभियान से जुड़कर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर रही हैं। खास बात यह है कि महिलाएं अब केवल दुग्ध उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संग्रहण, प्रोसेसिंग और विपणन की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक सशक्तिकरण दोनों मजबूत हुए हैं।
























