“तुरंत कार्रवाई जरूरी थी, वरना ईरान बना लेता अभेद्य बंकर”
मिडिल ईस्ट : बढ़ते तनाव के बीच बिन्यामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान पर तुरंत हमला करना आवश्यक था, क्योंकि कुछ ही महीनों में वह ऐसे बंकर तैयार कर लेता जिन्हें भेद पाना बेहद कठिन हो जाता। नेतन्याहू के अनुसार, यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो ईरान को काबू में करना मुश्किल हो जाता।
“युद्ध अंतहीन नहीं, लेकिन समय लगेगा”
Fox News को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से शुरू हुआ यह संघर्ष अंतहीन युद्ध नहीं होगा, लेकिन इसे समाप्त होने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने इसे “तेज और निर्णायक अभियान” बताया और कहा कि यह कई वर्षों तक नहीं चलेगा।
सऊदी अरब से रिश्तों पर संकेत
नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य होने की संभावना बन सकती है। गौरतलब है कि पहले सऊदी अरब और अमेरिका मिलकर रियाद के लिए एक सिविल न्यूक्लियर कार्यक्रम शुरू करने पर चर्चा कर रहे थे, जो इजरायल के साथ रिश्तों के सामान्यीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा था। हालांकि गाजा में जारी संघर्ष और फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा के चलते सऊदी अरब ने इजरायल के साथ बातचीत रोक दी थी।
ट्रंप का ओबामा-बाइडेन पर निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ ईरान परमाणु समझौता रद्द नहीं किया होता, तो ईरान तीन साल पहले ही परमाणु हथियार बना चुका होता। यह समझौता औपचारिक रूप से ईरान परमाणु समझौता (JCPOA) के नाम से जाना जाता है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रूथ सोशल” पर लिखा कि यह समझौता खतरनाक था और यदि जारी रहता तो वैश्विक स्थिति और बिगड़ सकती थी। उन्होंने इसके लिए ओबामा और जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया और अपने फैसले को सही बताया। मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियों के बीच यह बयान क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है।























