17, 18, 24 और 25 जनवरी को होगी परीक्षा, 12.36 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
लखनऊ,संवाददाता : मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को 7466 पदों पर सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा प्रदेश के विभिन्न जिलों में 17, 18, 24 और 25 जनवरी को आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं को निष्पक्ष, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में आगामी भर्तियों, परीक्षाओं की शुचिता, पर्यटन, गौ-आश्रय स्थलों तथा जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर डबल लेयर फ्रिस्किंग (पुलिस एवं कार्यकारी संस्था द्वारा) अनिवार्य रूप से कराई जाए। सही अभ्यर्थी का ही प्रवेश सुनिश्चित हो, सही प्रश्नपत्र सही समय पर पहुंचे और सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रहें। जिले और आयोग स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से सतत निगरानी की जाए। एसटीएफ और एलआईयू को विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। भविष्य की परीक्षाओं के लिए सभी जनपदों में एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने को भी कहा गया।
बैठक में बताया गया कि इस परीक्षा में कुल 12,36,239 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा 15 विषयों के लिए आयोजित की जा रही है, जिनमें से 6 विषयों की परीक्षा दिसंबर 2025 में कराई जा चुकी है। मुख्य सचिव ने होमस्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी-2025 के तहत लंबित प्रस्तावों के निस्तारण के लिए 14 से 30 जनवरी तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आवासीय सुविधाओं में विस्तार होगा।
गौ-आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने शेष सभी गौशालाओं को सीसीटीवी से आच्छादित करने और जिला स्तर पर सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर गौशालाओं से टैग करने तथा हरे चारे के उत्पादन पर विशेष जोर दिया गया। जनगणना-2027 की तैयारियों पर मुख्य सचिव ने बताया कि मई-जून 2026 में हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी जनपदों में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति गठित करने और मास्टर ट्रेनर्स को समय से प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए।
























