200 से अधिक लोग घायल, तटीय इलाकों में तीन फुट ऊंची सुनामी की लहरें
मनीला : फिलीपींस के दक्षिणी मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का एक बेहद शक्तिशाली भूकंप आया। इस आपदा से हुए अलग-अलग हादसों में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। भूकंप के तेज झटकों के बाद तटीय इलाकों में तीन फुट ऊंची सुनामी की लहरें भी देखी गईं।
इस भूकंप की वजह ‘कोटाबाटो ट्रेंच’ में हुई हलचल थी। भूकंप जमीन से महज 6.2 मील की गहराई पर आया था। नागरिक रक्षा कार्यालय के अनुसार, कुल 19 मौतों में से 12 मौतें अकेले इसी क्षेत्र में हुई हैं। यह इलाका दक्षिण कोटाबाटो, सुल्तान कुदरात, सारंगानी और जनरल सैंटोस सिटी तक फैला हुआ है। भूकंप के कारण कई इमारतें और एक मुख्य संपर्क पुल ढह गया है। इसके अलावा कई इलाकों में बिजली पूरी तरह गुल हो गई। झटके इतने तेज थे कि इसके केंद्र से 124 मील दूर इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में भी इन्हें महसूस किया गया। इंडोनेशिया और मलेशिया के समुद्र में भी हलचल दर्ज की गई।
क्या टल गया है सुनामी का खतरा
भूकंप के तुरंत बाद राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस ने नागरिकों से ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की थी। सुल्तान कुदरत और सारंगनी के निगरानी केंद्रों पर तीन फुट ऊंची लहरें दर्ज की गईं। हालांकि, भूकंप के करीब पांच घंटे बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने घोषणा की कि सुनामी का खतरा अब काफी हद तक टल गया है। सरकार का रुख: राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (बोंगबोंग मार्कोस) ने कहा कि आपदा राहत बल और एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, “राष्ट्रीय सरकार पूरी तरह सक्रिय है और हम संकट की इस घड़ी में लोगों को अकेले नहीं छोड़ेंगे।”
फिलीपींस में क्यों आते हैं इतने भूकंप
फिलीपींस दुनिया के सबसे आपदा-संभावित देशों में से एक है। इसके बार-बार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों की चपेट में आने का मुख्य कारण इसका प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित होना है, जो कि सक्रिय भूकंपीय फॉल्ट्स का एक प्रमुख क्षेत्र है। इसके अलावा, इस द्वीप समूह को हर साल करीब 20 चक्रवातों और तूफानों का सामना भी करना पड़ता है।























