पितृ दोष से मुक्ति के लिए आज जरूर करें ये उपाय
नई दिल्ली, संवाददाता : हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। सोमवार के दिन अमावस्या पड़ने पर इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस विशेष संयोग पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से सुख-समृद्धि आती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सोमवती अमावस्या का दिन पितरों का तर्पण करने के लिए भी उत्तम माना जाता है। अधिक मास में पड़ने की वजह से इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं और पति की लंबी उम्र के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने का भी विधान है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने और दान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है। इसके अलावा, इस तिथि पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ दोष शांत होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
क्या करें और क्या न करें
- स्नान और ध्यान: सोमवती अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- शिव-पार्वती पूजा: इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करें और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना करें।
- पितृ तर्पण: आज के दिन तर्पण और श्राद्ध करने से पितर प्रसन्न होते हैं और सुख-शांति का आशीर्वाद देते हैं।
- दान-पुण्य: अमावस्या के दिन अपनी क्षमता अनुसार दान-पुण्य का कार्य अवश्य करें।
- इन बातों का रखें ध्यान: आज के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का सेवन न करें और किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से बचें।





















