महाराज जी ने सुनाई पूतना वध, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन लीला की भावपूर्ण कथाएं

अमेठी,संवाददाता : अमेठी जिले के विकास खंड भादर स्थित घोरहा गांव में संतोष सिंह के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान कर भावविभोर हो उठे। कथा व्यास श्री श्री 1008 जगद्गुरु परमहंसाचार्य स्वामी दयानंद सरस्वती जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं एवं रासलीला का विस्तृत वर्णन किया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण एवं गोवर्धन महाराज की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से अवलोकन किया। महाराज श्री ने पूतना वध, यशोदा माता के साथ बाल कृष्ण की शरारतें, गौ प्रेम, कालिया नाग मर्दन, माखन चोरी तथा गोपियों के साथ विभिन्न प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि भक्तों के लिए प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक संदेश का प्रतीक हैं। चीरहरण प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने गोपियों की भक्ति एवं मर्यादा की परीक्षा ली थी।

उन्होंने कहा कि कंस द्वारा बालकृष्ण को मारने के अनेक प्रयास किए गए, लेकिन प्रत्येक बार भगवान ने अपनी दिव्य शक्तियों से असुरों का संहार किया। गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा करने का प्रसंग श्रद्धालुओं को विशेष रूप से भावुक कर गया। कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस अवसर पर पवन ओझा, सूर्य काली, शीला सिंह, आस्था सिंह, रीता सिंह, संतोष सिंह, अभिषेक सिंह, समर बहादुर सिंह, बबलू सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।






















