बजट बिगड़ने से भारी गहनों की जगह अब लाइटवेट ज्वेलरी पसंद कर रहे ग्राहक
दिल्ली : घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आग लगी हुई है। ‘सॉराफा एसोसिएशन’ द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों, मजबूत डॉलर और सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ती मांग के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। शादियों के इस सीजन में कीमतों में आई इस भारी तेजी ने आम ग्राहकों और परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
आज के ताजा सर्राफा रेट्स (प्रति 10 ग्राम/किलो)
चौक सर्राफा व्यापारी विनोद माहेश्वरी के मुताबिक बाजार में आज के नए भाव इस प्रकार हैं:
| धातु और शुद्धता | आज की ताजा कीमत |
| 24 कैरेट सोना | ₹1,60,500 (प्रति 10 ग्राम) |
| 22 कैरेट सोना | ₹1,51,400 (प्रति 10 ग्राम) |
| 18 कैरेट सोना | ₹1,25,400 (प्रति 10 ग्राम) |
| चांदी (999 शुद्धता) | ₹2,74,000 (प्रति किलोग्राम) |
आसमान छूती कीमतों के 5 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में आ रही इस तेजी के पीछे निम्नलिखित प्रमुख वजहें हैं:
- वैश्विक और भू-राजनीतिक तनाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी आर्थिक अनिश्चितता और संघर्ष।
- सुरक्षित निवेश की होड़: शेयर बाजार में अस्थिरता के चलते निवेशक गोल्ड को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने गोल्ड रिजर्व (सोने के भंडार) को लगातार बढ़ाना।
- घरेलू मांग: देश में शादी-विवाह और त्योहारों का सीजन होना।
- चांदी की औद्योगिक मांग: इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर इंडस्ट्री और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ना।
ग्राहकों की जेब पर असर: ‘लाइटवेट’ ज्वेलरी का बढ़ा ट्रेंड
महंगाई की इस मार का सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ा है। सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, शादियों के लिए खरीदारी करने आ रहे परिवार अब भारी आभूषणों से परहेज कर रहे हैं। पहले जहां लोग 40 से 50 ग्राम के गहने आसानी से खरीदते थे, वहीं अब कम वजन (लाइटवेट) और आधुनिक डिजाइनों को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि बजट को नियंत्रित किया जा सके।
धोखाधड़ी से बचें: खरीदारी के समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में शुद्धता को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। व्यापारी विनोद माहेश्वरी ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे नुकसान से बचने के लिए हमेशा निम्नलिखित चीजों की जांच करके ही पक्का बिल लें:
- BIS हॉलमार्क: सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी।
- कैरेट (Carat): आभूषण कितने कैरेट (22, 18 या 14) का है।
- मेकिंग चार्ज: गहने की बनवाई का खर्च स्पष्ट करवाएं।
- GST विवरण: बिल पर टैक्स का पूरा ब्योरा देखें।
- सही और पक्का बिल: भविष्य में रीसेल या एक्सचेंज के लिए अनिवार्य।






















