ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब गो संरक्षण को केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं रख रही है। सरकार इसे वैज्ञानिक कृषि, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर नई कृषि क्रांति की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत संरक्षित गोमाता आधारित माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसमें IIT कानपुर की उन्नत तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।
गोशालाएं बनेंगी जैविक कृषि की नई ताकत
प्रदेश की गोशालाओं को अब सिर्फ पशु संरक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। गोबर और गोमूत्र आधारित उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उर्वरक तैयार करने की आधुनिक तकनीक का उपयोग कर खेती को अधिक प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
IIT कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी स्कॉलर अक्षय श्रीवास्तव ने यह उन्नत तकनीक विकसित की है। इस शोध का नेतृत्व अमिताभ बंध्योपाध्याय कर रहे हैं। इस तकनीक के माध्यम से गोबर और गोमूत्र से वैज्ञानिक तरीके से उच्च गुणवत्ता वाला ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, खेती की लागत घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल से मिलेगा रोजगार
योगी सरकार इस तकनीक को माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल से जोड़ने की तैयारी में है। इसके तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को छोटे स्तर की फर्टिलाइजर यूनिट्स से जोड़ा जाएगा। इस पहल से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की योजना है कि गोशालाओं में तैयार जैविक उत्पाद सीधे किसानों तक पहुंचें और गांव स्तर पर ही उत्पादन, बिक्री और आय का मजबूत आर्थिक चक्र विकसित हो।
सरकार का मानना है कि इस मॉडल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। गोशालाओं को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और ग्रामीण विकास के एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यदि यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल होता है तो उत्तर प्रदेश गो आधारित वैज्ञानिक खेती और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर टेक्नोलॉजी का देश का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गो संरक्षण को वैज्ञानिक कृषि और रोजगार से जोड़कर ऐसा मॉडल विकसित कर रही है, जो भविष्य में पूरे देश के लिए मिसाल बन सकता है।






















