श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, स्वामी दयानंद सरस्वती ने सुनाया भक्तिमय प्रसंग
अमेठी,संवाददाता : अमेठी जिले के विकास खंड भादर स्थित घोरहा गांव में संतोष सिंह के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के चौथे दिन दयानंद सरस्वती ने भरत चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार एवं प्रह्लाद चरित्र का मनोहारी वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब भगवान संसार के कल्याण और सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। वामन अवतार प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने राजा बलि को अहंकार त्यागने और परोपकार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होकर ही मनुष्य ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकता है।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि अत्याचारी कंस के पापों से पृथ्वी व्याकुल हो उठी थी, जिसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने वासुदेव और देवकी के यहां अवतार लेकर भक्तों एवं संतों का सम्मान बढ़ाया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया, जेल के सभी बंधन स्वतः टूट गए और वे गोकुल पहुंचाए गए।

भक्तिमय संगीत और मधुर कथा वाचन से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। कथा सुन श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर शिव कुमार सिंह, महेंद्र प्रताप, मुखिया सिंह, राजेश, लंबरदार, सूर्यकली देवी, शीला सिंह, सुधा सिंह, आस्था सिंह, प्रतिभा सिंह एवं बिजेंद्र सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।























