31वें दिन भी जारी अमेरिका-इज़रायल बनाम ईरान संघर्ष, बातचीत के दावों के बीच ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी तेज
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब युद्ध जैसे हालात में बदल चुका है और यह संघर्ष 31वें दिन में प्रवेश कर गया है। जहां एक ओर अमेरिका और इज़रायल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी धमकी दी है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं पूरी तरह छोड़नी होंगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तों को नहीं मानता, तो उसका “वजूद मिटा दिया जाएगा” और वह एक देश के रूप में अस्तित्व खो सकता है।
ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी
हालांकि ट्रंप बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच पेंटागन की ओर से ईरान में संभावित ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इससे संकेत मिलते हैं कि हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ईरान के तेल पर नजर
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के तेल संसाधनों पर भी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के तेल पर नियंत्रण हासिल करने का विकल्प मौजूद है, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ट्रंप की नजर खास तौर पर खार्ग आइलैंड पर है, जो ईरान के प्रमुख तेल भंडारण और निर्यात केंद्रों में से एक है। कुछ समय पहले अमेरिका ने इस इलाके पर हमला भी किया था, हालांकि तेल भंडारों को निशाना नहीं बनाया गया।
होर्मुज स्ट्रेट बना रणनीतिक केंद्र
ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी अमेरिका की दिलचस्पी बढ़ी है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। ट्रंप पहले इसे मजाक में “स्ट्रेट ऑफ ट्रंप” भी कह चुके हैं, लेकिन इसके पीछे की रणनीतिक अहमियत बेहद गंभीर मानी जा रही है।
























