रिव्यू सिर्फ मूल अपील तक सीमित, अन्य फैसलों के लिए अलग से लेना होगा डीआरएस
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए नियम के तहत अब अंपायर किसी भी रिव्यू के दौरान स्वतः अतिरिक्त पहलुओं की जांच नहीं करेंगे। रिव्यू केवल उसी बिंदु तक सीमित रहेगा, जिसके लिए अपील की गई है।
पहले जहां अंपायर एक ही रिव्यू में कैच, वाइड या अन्य पहलुओं की भी जांच कर लेते थे, वहीं अब ऐसा नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि फील्डिंग टीम कैच के लिए रिव्यू लेती है, तो अंपायर खुद से यह नहीं देखेंगे कि गेंद वाइड थी या नहीं। वाइड की जांच तभी होगी जब बल्लेबाजी टीम अलग से निर्धारित समय के भीतर रिव्यू ले।
क्रीकबज की रिपोर्ट के अनुसार, 27 मार्च को BCCI विशेषज्ञों ने टीमों को एक विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए इन नियमों की जानकारी दी। इसमें विभिन्न मैच परिस्थितियों के उदाहरण देकर स्पष्ट किया गया कि रिव्यू की सीमा क्या होगी।प्रेजेंटेशन में दिखाए गए एक उदाहरण में गेंदबाज की शॉर्ट बॉल पर कैच की अपील की गई, जिसे अंपायर ने खारिज कर दिया। फील्डिंग टीम ने रिव्यू लिया, लेकिन रीप्ले में साफ दिखा कि गेंद बल्ले से दूर थी। इस स्थिति में विशेषज्ञों ने बताया कि हाइट वाइड की जांच अपने आप नहीं की जाएगी। बल्लेबाजी टीम को इसके लिए 15 सेकंड के भीतर अलग से रिव्यू लेना होगा, और इसके लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
इनिंग्स टाइमर और 60 सेकंड क्लॉक
तीसरी गेंद के बाद और हर ओवर खत्म होने पर स्कोरबोर्ड पर इनिंग्स टाइमर दिखेगा। साथ ही, हर ओवर के बाद 60 सेकंड का काउंटडाउन चलेगा। यदि गेंदबाज समय पर रन-अप के लिए तैयार नहीं होता, तो दो बार चेतावनी दी जाएगी और तीसरी बार बल्लेबाजी टीम को 5 पेनल्टी रन मिलेंगे।
कंकशन रिप्लेसमेंट नियम
सिर में चोट (कंकशन) लगने की स्थिति में समान भूमिका वाले खिलाड़ी को सब्स्टीट्यूट के रूप में शामिल किया जा सकता है। विकेटकीपर के चोटिल होने पर स्क्वाड से दूसरा विकल्प लिया जा सकेगा। विदेशी खिलाड़ी के चोटिल होने पर, टीम संयोजन के अनुसार भारतीय सब्स्टीट्यूट को मौका दिया जा सकता है।
टीम शीट प्रक्रिया
टॉस के बाद दोनों टीमों के कप्तान अपनी-अपनी टीम शीट मैच रेफरी को सौंपेंगे। टीम मैनेजर आपस में शीट का आदान-प्रदान करेंगे और अतिरिक्त प्रतियां आयोजन प्रबंधन को दी जाएंगी।
























