अभिभावकों को बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील
अमेठी, संवाददाता : बुधवार को परिषदीय विद्यालयों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर नवारम्भ उत्सव एवं स्कूल अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों के अभिभावकों और माताओं के साथ संवाद कर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बाल वाटिका योजना की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव रखना है, जिससे वे आगे की पढ़ाई के लिए तैयार हो सकें। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने निर्देश दिए कि बाल वाटिका कार्यक्रम को निर्धारित वर्क कैलेंडर के अनुसार संचालित कर निपुण लक्ष्य हासिल किया जाए।

कम्पोजिट विद्यालय भादर प्रथम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र घोरहा में आयोजित कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल वाटिका कार्यक्रम शुरू किया गया है, जहां बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए तैयार किया जाता है। इसके लिए ईसीसी एजुकेटर की नियुक्ति भी की गई है।

विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष रीता मौर्य ने कहा कि परिषदीय विद्यालय अब संसाधनों और शिक्षण व्यवस्था के मामले में किसी भी महंगे निजी स्कूल से कम नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 3 से 14 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में भेजें। कार्यक्रम में बताया गया कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष रूप से स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के तहत शैक्षिक वर्क कैलेंडर तैयार किया गया है, जिससे बच्चों के मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षा दी जा सके।

संकुल शिक्षक देवांशु सिंह ने कहा कि बाल वाटिका कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों को महंगे प्लेग्रुप या नर्सरी स्कूलों में बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कार्यक्रम का संचालन ईसीसी एजुकेटर प्रतिभा ओझा और आंगनबाड़ी कार्यकत्री आभा सिंह ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निर्देशन मीना मंच की इंचार्ज लालती देवी ने किया। इस अवसर पर कई शिक्षक, कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और अभिभावक उपस्थित रहे।
























