सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर प्रशासन मुस्तैद
भवाली (उत्तराखंड), संवाददाता : उत्तराखंड का विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम अपना भव्य स्थापना दिवस समारोह मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 15 जून को होने वाले इस मुख्य आयोजन को लेकर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक व्यवस्था तक का पुख्ता खाका खींच लिया है। प्रशासन के मुताबिक, इस वर्ष स्थापना दिवस पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ नियंत्रण और सुचारू आवागमन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं।
निजी वाहनों पर पाबंदी, चलेंगी 200 शटल बसें
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं: जाम की स्थिति से बचने के लिए कैंची धाम की ओर जाने वाले निजी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भक्तों को निर्धारित पार्किंग स्थलों से आश्रम तक सुरक्षित और आसानी से ले जाने के लिए प्रशासन ने लगभग 200 बसें तैनात की हैं। बाहरी वाहनों के लिए अलग-अलग रूटों पर विशाल पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालु शटल बसों का उपयोग कर सकेंगे।
कैंची धाम का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
नीम करौली बाबा द्वारा स्थापित कैंची धाम केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अगाध आस्था का केंद्र है। इस आश्रम की स्थापना 1960 के दशक में हुई थी और हर साल 15 जून को यहाँ भव्य स्थापना दिवस (स्थापना मेला) मनाया जाता है। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक (मेटा) के मार्क जुकरबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियों के यहाँ आने के बाद यह धाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया। मान्यता है कि बाबा नीम करौली के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। स्थापना दिवस पर मिलने वाले विशेष मालपुए के प्रसाद का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां
मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने निम्नलिखित इंतजाम किए हैं: पूरे मेला क्षेत्र और संवेदनशील मोड़ों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों, महिला पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। गर्मी और भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पीने के पानी, मेडिकल कैंप और शौचालय की व्यवस्था की गई है।























