बुनियादी ढांचे और नौवहन के लिए बनेगा संयुक्त कार्यबल; अगले 5 वर्षों में निवेश को दोगुना करने का रखा लक्ष्य
नई दिल्ली : भारत और साइप्रस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए इन्हें ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में बदल दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत यात्रा पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ व्यापक और गहन चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और नौवहन (शिपिंग) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त कार्यबल (Joint Task Force) गठित करने का बड़ा फैसला लिया। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
5 साल में निवेश दोगुना करने का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीडिया को दिए अपने बयान में दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा: पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में होने वाला निवेश लगभग दोगुना हो चुका है। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और मजबूत हुआ है। इसके साथ ही भारत-यूरोपीय संघ (India-EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से सहयोग की अनेक नई संभावनाएं सामने आई हैं। प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि दोनों देशों ने इस अनुकूल स्थिति का लाभ उठाते हुए अगले पांच वर्षों में इस निवेश को एक बार फिर से दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए दोनों देशों के भरोसेमंद संबंधों को अब रणनीतिक साझेदारी का रूप दे दिया गया है।
वैश्विक संघर्षों पर भारत का रुख: शांति और संवाद ही रास्ता
बैठक के दौरान वैश्विक सुरक्षा और भू-राजनीतिक हालातों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने वैश्विक संकटों पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि चाहे यूक्रेन का मुद्दा हो या पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) का संकट, भारत हमेशा शत्रुता और संघर्षों को जल्द से जल्द समाप्त करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी पूर्ण सहमति जताई कि वर्तमान दौर की बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं में समयबद्ध सुधार करना अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद पर साझा रणनीति
इस रणनीतिक वार्ता के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- संयुक्त कार्यबल का गठन: साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स ने बताया कि बुनियादी ढांचे और शिपिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में गहरे सहयोग को सुगम बनाने के लिए संयुक्त कार्यबल काम करेगा।
- सुरक्षा सहयोग: दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को मजबूत करने और आतंकवाद-रोधी (Counter-Terrorism) क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक बढ़ाने का फैसला किया है।
- भविष्योन्मुखी मित्रता: पीएम मोदी ने भारत और साइप्रस की इस दोस्ती को बेहद मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया।
गौरतलब है कि साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स बुधवार से भारत की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसके तहत यह बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई।
























