• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Saturday, May 16, 2026
  • Login
Samwaddata
  • Home
  • लखनऊ
  • देश
  • प्रदेश
    • अंबेडकरनगर
    • अयोध्या
    • अमेठी
    • बाराबंकी
    • रायबरेली
    • सीतापुर
  • माघ मेला 2026
  • राजनीतिक-सामाजिक
  • क्राइम
  • शिक्षा / करियर
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • सोशल ट्रेंडिंग
  • धर्म-कर्म/राशिफल
No Result
View All Result
  • Home
  • लखनऊ
  • देश
  • प्रदेश
    • अंबेडकरनगर
    • अयोध्या
    • अमेठी
    • बाराबंकी
    • रायबरेली
    • सीतापुर
  • माघ मेला 2026
  • राजनीतिक-सामाजिक
  • क्राइम
  • शिक्षा / करियर
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • सोशल ट्रेंडिंग
  • धर्म-कर्म/राशिफल
No Result
View All Result
Samwaddata
No Result
View All Result
  • Home
  • लखनऊ
  • देश
  • प्रदेश
  • माघ मेला 2026
  • महाकुंभ 2025
  • राजनीतिक-सामाजिक
  • शिक्षा / करियर
  • धर्म-कर्म/राशिफल
  • क्राइम
  • सीतापुर
  • Disclaimer
  • About Us
  • Newsletter

Home » अमावस्या के दिन श्राद्ध करते समय ध्यान रखने योग्य 26 बातें

अमावस्या के दिन श्राद्ध करते समय ध्यान रखने योग्य 26 बातें

Shubham Mishra by Shubham Mishra
September 30, 2024 7:51 am

ज्योतिषाचार्य डॉ उमाशंकर मिश्रा सिद्धिविनायक ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र

लखनऊ : श्राद्ध के सोलह दिनों में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि पर श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पितरों का ऋण श्राद्ध द्वारा चुकाया जाता है। वर्ष के किसी भी मास तथा तिथि में स्वर्गवासी हुए पितरों के लिए पितृपक्ष की उसी तिथि को श्राद्ध किया जाता है। पूर्णिमा पर देहांत होने से भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा को श्राद्ध करने का विधान है। इसी दिन से महालय (श्राद्ध) का प्रारंभ भी माना जाता है। श्राद्ध का अर्थ है श्रद्धा से जो कुछ दिया जाए।

पितृपक्ष में श्राद्ध करने से पितृगण वर्षभर तक प्रसन्न रहते हैं। धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों का पिण्ड दान करने वाला गृहस्थ दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, पुष्टि, बल, लक्ष्मी, पशु, सुख-साधन तथा धन-धान्य आदि की प्राप्ति करता है।श्राद्ध में पितरों को आशा रहती है कि हमारे पुत्र-पौत्रादि हमें पिण्ड दान तथा तिलांजलि प्रदान कर संतुष्ट करेंगे। इसी आशा के साथ वे पितृलोक से पृथ्वीलोक पर आते हैं। यही कारण है कि हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रत्येक हिंदू गृहस्थ को पितृपक्ष में श्राद्ध अवश्य रूप से करने के लिए कहा गया है।

श्राद्ध से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। मगर ये बातें श्राद्ध करने से पूर्व जान लेना बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार विधिपूर्वक श्राद्ध न करने से पितृ श्राप भी दे देते हैं।

  • श्राद्धकर्म में गाय का घी, दूध या दही काम में लेना चाहिए। यह ध्यान रखें कि गाय को बच्चा हुए दस दिन से अधिक हो चुके हैं। दस दिन के अंदर बछड़े को जन्म देने वाली गाय के दूध का उपयोग श्राद्ध कर्म में नहीं करना चाहिए।
  • श्राद्ध में चांदी के बर्तनों का उपयोग व दान पुण्यदायक तो है ही राक्षसों का नाश करने वाला भी माना गया है। पितरों के लिए चांदी के बर्तन में सिर्फ पानी ही दिए जाए तो वह अक्षय तृप्तिकारक होता है। पितरों के लिए अर्घ्य, पिण्ड और भोजन के बर्तन भी चांदी के हों तो और भी श्रेष्ठ माना जाता है।
  • श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन करवाते समय परोसने के बर्तन दोनों हाथों से पकड़ कर लाने चाहिए, एक हाथ से लाए अन्न पात्र से परोसा हुआ भोजन राक्षस छीन लेते हैं।
  • ब्राह्मण को भोजन मौन रहकर एवं व्यंजनों की प्रशंसा किए बगैर करना चाहिए क्योंकि पितर तब तक ही भोजन ग्रहण करते हैं जब तक ब्राह्मण मौन रहकर भोजन करें।
  • जो पितृ शस्त्र आदि से मारे गए हों उनका श्राद्ध मुख्य तिथि के अतिरिक्त चतुर्दशी को भी करना चाहिए। इससे वे प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध गुप्त रूप से करना चाहिए। पिंडदान पर साधारण या नीच मनुष्यों की दृष्टि पहने से वह पितरों को नहीं पहुंचता।
  • श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन करवाना आवश्यक है, जो व्यक्ति बिना ब्राह्मण के श्राद्ध कर्म करता है, उसके घर में पितर भोजन नहीं करते, श्राप देकर लौट जाते हैं। ब्राह्मण हीन श्राद्ध से मनुष्य महापापी होता है।
  • श्राद्ध में जौ, कांगनी, मटर और सरसों का उपयोग श्रेष्ठ रहता है। तिल की मात्रा अधिक होने पर श्राद्ध अक्षय हो जाता है। वास्तव में तिल पिशाचों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं। कुशा (एक प्रकार की घास) राक्षसों से बचाते हैं।
  • दूसरे की भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिए। वन, पर्वत, पुण्यतीर्थ एवं मंदिर दूसरे की भूमि नहीं माने जाते क्योंकि इन पर किसी का स्वामित्व नहीं माना गया है। अत: इन स्थानों पर श्राद्ध किया जा सकता है।
  • चाहे मनुष्य देवकार्य में ब्राह्मण का चयन करते समय न सोचे, लेकिन पितृ कार्य में योग्य ब्राह्मण का ही चयन करना चाहिए क्योंकि श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों द्वारा ही होती है।
  • जो व्यक्ति किसी कारणवश एक ही नगर में रहनी वाली अपनी बहिन, जमाई और भानजे को श्राद्ध में भोजन नहीं कराता, उसके यहां पितर के साथ ही देवता भी अन्न ग्रहण नहीं करते।
  • श्राद्ध करते समय यदि कोई भिखारी आ जाए तो उसे आदरपूर्वक भोजन करवाना चाहिए। जो व्यक्ति ऐसे समय में घर आए याचक को भगा देता है उसका श्राद्ध कर्म पूर्ण नहीं माना जाता और उसका फल भी नष्ट हो जाता है।
  • शुक्लपक्ष में, रात्रि में, युग्म दिनों (एक ही दिन दो तिथियों का योग)में तथा अपने जन्मदिन पर कभी श्राद्ध नहीं करना चाहिए। धर्म ग्रंथों के अनुसार सायंकाल का समय राक्षसों के लिए होता है, यह समय सभी कार्यों के लिए निंदित है। अत: शाम के समय भी श्राद्धकर्म नहीं करना चाहिए।
  • श्राद्ध में प्रसन्न पितृगण मनुष्यों को पुत्र, धन, विद्या, आयु, आरोग्य, लौकिक सुख, मोक्ष और स्वर्ग प्रदान करते हैं। श्राद्ध के लिए शुक्लपक्ष की अपेक्षा कृष्णपक्ष श्रेष्ठ माना गया है।
  • रात्रि को राक्षसी समय माना गया है। अत: रात में श्राद्ध कर्म नहीं करना चाहिए। दोनों संध्याओं के समय भी श्राद्धकर्म नहीं करना चाहिए। दिन के आठवें मुहूर्त (कुतपकाल) में पितरों के लिए दिया गया दान अक्षय होता है।
  • श्राद्ध में ये चीजें होना महत्वपूर्ण हैं- गंगाजल, दूध, शहद, दौहित्र, कुश और तिल। केले के पत्ते पर श्राद्ध भोजन निषेध है। सोने, चांदी, कांसे, तांबे के पात्र उत्तम हैं। इनके अभाव में पत्तल उपयोग की जा सकती है।
  • तुलसी से पितृगण प्रसन्न होते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि पितृगण गरुड़ पर सवार होकर विष्णु लोक को चले जाते हैं। तुलसी से पिंड की पूजा करने से पितर लोग प्रलयकाल तक संतुष्ट रहते हैं।
  • रेशमी, कंबल, ऊन, लकड़ी, तृण, पर्ण, कुश आदि के आसन श्रेष्ठ हैं। आसन में लोहा किसी भी रूप में प्रयुक्त नहीं होना चाहिए।
  • चना, मसूर, उड़द, कुलथी, सत्तू, मूली, काला जीरा, कचनार, खीरा, काला उड़द, काला नमक, लौकी, बड़ी सरसों, काले सरसों की पत्ती और बासी, अपवित्र फल या अन्न श्राद्ध में निषेध हैं।

भविष्य पुराण के अनुसार श्राद्ध 12 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

1- नित्य, 2- नैमित्तिक, 3- काम्य, 4- वृद्धि, 5- सपिण्डन, 6- पार्वण, 7- गोष्ठी, 8- शुद्धर्थ, 9- कर्मांग, 10- दैविक, 11- यात्रार्थ, 12- पुष्टयर्थ

श्राद्ध के प्रमुख अंग इस प्रकार हैं- तर्पण- इसमें दूध, तिल, कुशा, पुष्प, गंध मिश्रित जल पितरों को तृप्त करने हेतु दिया जाता है। श्राद्ध पक्ष में इसे नित्य करने का विधान है।

भोजन व पिण्ड दान- पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को भोजन दिया जाता है। श्राद्ध करते समय चावल या जौ के पिण्ड दान भी किए जाते हैं।

वस्त्रदान- वस्त्र दान देना श्राद्ध का मुख्य लक्ष्य भी है।

दक्षिणा दान- यज्ञ की पत्नी दक्षिणा है जब तक भोजन कराकर वस्त्र और दक्षिणा नहीं दी जाती उसका फल नहीं मिलता।

  • श्राद्ध तिथि के पूर्व ही यथाशक्ति विद्वान ब्राह्मणों को भोजन के लिए बुलावा दें। श्राद्ध के दिन भोजन के लिए आए ब्राह्मणों को दक्षिण दिशा में बैठाएं।
  • पितरों की पसंद का भोजन दूध, दही, घी और शहद के साथ अन्न से बनाए गए पकवान जैसे खीर आदि है। इसलिए ब्राह्मणों को ऐसे भोजन कराने का विशेष ध्यान रखें।
  • तैयार भोजन में से गाय, कुत्ते, कौए, देवता और चींटी के लिए थोड़ा सा भाग निकालें। इसके बाद हाथ जल, अक्षत यानी चावल, चन्दन, फूल और तिल लेकर ब्राह्मणों से संकल्प लें।
  • कुत्ते और कौए के निमित्त निकाला भोजन कुत्ते और कौए को ही कराएं किंतु देवता और चींटी का भोजन गाय को खिला सकते हैं। इसके बाद ही ब्राह्मणों को भोजन कराएं। पूरी तृप्ति से भोजन कराने के बाद ब्राह्मणों के मस्तक पर तिलक लगाकर यथाशक्ति कपड़े, अन्न और दक्षिणा दान कर आशीर्वाद पाएं।
  • ब्राह्मणों को भोजन के बाद घर के द्वार तक पूरे सम्मान के साथ विदा करके आएं। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ब्राह्मणों के साथ-साथ पितर लोग भी चलते हैं। ब्राह्मणों के भोजन के बाद ही अपने परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों को भोजन कराएं।
  • पिता का श्राद्ध पुत्र को ही करना चाहिए। पुत्र के न होने पर पत्नी श्राद्ध कर सकती है। पत्नी न होने पर सगा भाई और उसके भी अभाव में सपिंडों ( एक ही परिवार के) को श्राद्ध करना चाहिए। एक से अधिक पुत्र होने पर सबसे बड़ा पुत्र श्राद्ध करता है
Tags: dharam karamDharm karm RashipahlDHARMIK SASTHANHinduHindu cultureHindu dharmHindu SansthanHindu shaktiHindu संस्कृति
Previous Post

आकाशीय बिजली गिरने से वृद्ध की मौत, महिला गंभीर

Next Post

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 30 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

Shubham Mishra

Shubham Mishra

Related Posts

घोरहा गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, भक्ति प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रोता
धर्म-कर्म/राशिफल

श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

May 12, 2026 9:29 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमनाथ अमृत महोत्सव में होंगे शामिल
देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमनाथ अमृत महोत्सव में होंगे शामिल

May 11, 2026 9:48 am
वर्ष 2026 में 17 मई से प्रारंभ होगा पुरुषोत्तम मास, जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
धर्म-कर्म/राशिफल

वर्ष 2026 में 17 मई से प्रारंभ होगा पुरुषोत्तम मास, जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

May 11, 2026 9:38 am
घोरहा गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, भक्ति प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रोता
धर्म-कर्म/राशिफल

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंग सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

May 11, 2026 9:34 am
सात दौड़ते घोड़ों की तस्वीर मानी जाती है समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और प्रगति का प्रतीक
धर्म-कर्म/राशिफल

सात दौड़ते घोड़ों की तस्वीर मानी जाती है समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और प्रगति का प्रतीक

May 10, 2026 8:46 am
घोरहा गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, भक्ति प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रोता
अमेठी

भगवान कृष्ण व भारत दर्शन की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रोता

May 10, 2026 8:41 am
Next Post
भारतीय एवं विश्व इतिहास में 30 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 30 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

गया में सात समंदर पार से आए अंग्रेजों ने किया पिंडदान

गया में सात समंदर पार से आए अंग्रेजों ने किया पिंडदान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
भीषण गर्मी में सेवा का संगम: बड़े मंगल पर भंडारे में पूड़ी-सब्जी व शरबत वितरण

भीषण गर्मी में सेवा का संगम: बड़े मंगल पर भंडारे में पूड़ी-सब्जी व शरबत वितरण

May 5, 2026 10:46 pm
देश सेवा का संकल्प: अमेठी के त्रिसुंडी आरटीसी में 598 जवानों की भव्य पासिंग आउट परेड

देश सेवा का संकल्प: अमेठी के त्रिसुंडी आरटीसी में 598 जवानों की भव्य पासिंग आउट परेड

April 29, 2026 9:24 am
पुलिस-बदमाश मुठभेड़ में सनी पांडे घायल, पैर में लगी गोली

पुलिस-बदमाश मुठभेड़ में सनी पांडे घायल, पैर में लगी गोली

April 20, 2026 3:55 pm
कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

May 5, 2026 10:56 pm
चार बच्चों की हत्या कर मां फरार, मोबाइल से मिले अहम सुराग

चार बच्चों की हत्या कर मां फरार, मोबाइल से मिले अहम सुराग

May 2, 2026 11:55 pm
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर मचा बवाल, 14 सितंबर को टकराएंगी दोनों टीमें

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर मचा बवाल, 14 सितंबर को टकराएंगी दोनों टीमें

July 29, 2025 5:13 pm
आगरा में भीषण हादसा, मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन बुजुर्ग समेत चारकी मौत

आगरा में भीषण हादसा, मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन बुजुर्ग समेत चारकी मौत

June 18, 2025 10:19 am
मड़ियांव में बेकाबू डंपर ने मचाई तबाही, चार घायल

मड़ियांव में बेकाबू डंपर ने मचाई तबाही, चार घायल

May 13, 2026 4:34 pm
यूपी में मौसम का बदलेगा मिजाज: आंधी-बारिश के बाद चलेगी भीषण लू

यूपी में मौसम का बदलेगा मिजाज: आंधी-बारिश के बाद चलेगी भीषण लू

May 15, 2026 3:09 pm
चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की मार

चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की मार

May 15, 2026 2:29 pm
बाराबंकी में बड़ा हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिरा पेड़, दो लोगों की मौत

बाराबंकी में बड़ा हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिरा पेड़, दो लोगों की मौत

May 15, 2026 2:25 pm
अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी, यूएई के राष्ट्रपति ने किया भव्य स्वागत

अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी, यूएई के राष्ट्रपति ने किया भव्य स्वागत

May 15, 2026 2:20 pm
बिजली दरों पर 20 मई को होगी अहम बैठक

बिजली दरों पर 20 मई को होगी अहम बैठक

May 15, 2026 2:17 pm
उन्नाव दुष्कर्म केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को राहत देने वाला आदेश रद्द किया

उन्नाव दुष्कर्म केस: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को राहत देने वाला आदेश रद्द किया

May 15, 2026 2:14 pm
मथुरा में एसडीआरएफ की स्थाई प्लाटून तैनात

मथुरा में एसडीआरएफ की स्थाई प्लाटून तैनात

May 15, 2026 2:03 pm
अमेठी में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से तीन दोस्तों की मौत

अमेठी में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से तीन दोस्तों की मौत

May 15, 2026 1:57 pm
Samwaddata

Categories

Breaking News Videos अंबेडकरनगर अमेठी अयोध्या ऑपरेशन सिंदूर क्राइम खेल देश धर्म-कर्म/राशिफल प्रदेश बाराबंकी बिज़नेस मनोरंजन महाकुंभ 2025 माघ मेला 2026 राजनीतिक-सामाजिक रायबरेली लखनऊ शिक्षा / करियर सीतापुर सोशल ट्रेंडिंग

Recent News

यूपी में मौसम का बदलेगा मिजाज: आंधी-बारिश के बाद चलेगी भीषण लू

यूपी में मौसम का बदलेगा मिजाज: आंधी-बारिश के बाद चलेगी भीषण लू

May 15, 2026 3:09 pm
चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की मार

चार साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी पर महंगाई की मार

May 15, 2026 2:29 pm
  • Home
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us

Copyright (c) www.samwaddata.com All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • लखनऊ
  • देश
  • प्रदेश
  • माघ मेला 2026
  • महाकुंभ 2025
  • राजनीतिक-सामाजिक
  • शिक्षा / करियर
  • धर्म-कर्म/राशिफल
  • क्राइम
  • सीतापुर
  • Disclaimer
  • About Us
  • Newsletter

Copyright (c) www.samwaddata.com All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In