1.12 लाख बकाये के नाम पर तहसील और विभाग के लोग कर रहे थे प्रताड़ित
गाजीपुर, संवाददाता : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादचक गांव में सोमवार की सुबह एक पान व किराना दुकानदार सुरेंद्र कश्यप (50) ने विषाक्त पदार्थ (जहर) खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कागज के टुकड़े पर लिखा था, “हम बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।”
प्रताड़ना का आरोप
मृतक के बड़े पुत्र सूरज कुमार ने बताया कि उनके पिता सुरेंद्र कश्यप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर के पास गुमटी में पान बेचते थे और घर पर छोटी सी किराना दुकान थी। बिजली विभाग ने उन पर ₹1.12 लाख का बकाया बिल निकालकर करीब 9 महीने पहले आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की थी। सूरज का गंभीर आरोप है कि: “तहसील के अमीन और कर्मी वसूली के नाम पर पिता को लगातार तंग कर रहे थे। सुविधा शुल्क (रिश्वत) देने पर कुछ समय की राहत मिल जाती थी, लेकिन पैसा न होने पर उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था।”
गरीबी की मार
मृतक की पत्नी शांति देवी ने रोते हुए बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। परिवार में दो बेटियां हैं, जिनकी अभी शादी होनी बाकी थी। सुरेंद्र एक-एक रुपया जोड़कर बेटियों के हाथ पीले करने का सपना देख रहे थे। अचानक आए भारी-भरकम बिल और विभाग की सख्ती के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में आ गए थे। रविवार की रात उन्होंने ठीक से खाना भी नहीं खाया और किसी को भनक लगे बिना जहरीला पदार्थ खा लिया।
अधिकारियों का पक्ष
पुलिस प्रशासन: सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की तरफ से लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है। बिजली विभाग: सैदपुर के अधिशासी अभियंता (XEN) सुधाकर ने मामले पर सफाई देते हुए कहा— “₹1.12 लाख का बकाया होने के कारण वसूली के लिए तहसील में आरसी भेजी गई थी, जिसकी पैरवी अमीन कर रहे थे। बिजली विभाग पर प्रताड़ना के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी पूरी निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी।”























