भीषण गर्मी से बचाव के लिए विशेष प्रशासनिक इंतजाम
चित्रकूट, संवाददाता : भगवान श्रीराम की पावन तपोस्थली चित्रकूट में आगामी 15 जून को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या पर आस्था का एक विशाल और ऐतिहासिक संगम देखने को मिलेगा। स्थानीय प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस पवित्र अवसर पर देश भर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालु यहाँ मां मंदाकिनी नदी के पवित्र जल में स्नान करने के बाद आराध्य पर्वत कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे। इसके साथ ही रामघाट समेत क्षेत्र के तमाम प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं।
जहाँ तुलसीदास जी को मिले थे ‘राम’
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के कड़े वनवास काल में से लगभग साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट के जंगलों में ही बिताए थे। माना जाता है कि वनवास के दौरान वे नियमित रूप से रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान करते थे। ऐतिहासिक मान्यता: इसी पावन रामघाट पर सोमवती अमावस्या के ही दिन महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए थे। यही कारण है कि इस विशेष पर्व पर चित्रकूट का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
विशेष इंतजाम
चूंकि जून के महीने में कड़ी धूप और गर्मी का प्रकोप है, इसलिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए निम्नलिखित पुख्ता इंतजाम किए हैं: रामघाट और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बड़े-बड़े टेंट लगाकर छांव का प्रबंध किया जा रहा है। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और अन्य पैदल रास्तों पर विशेष मैट और कारपेट (कालीन) बिछाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं के पैर गर्म जमीन से न जलें। जगह-जगह पर यात्रियों के बैठने और आराम करने के लिए छायादार शेल्टर बनाए गए हैं। स्वच्छ पेयजल, चौबीस घंटे चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं हर प्रमुख पॉइंट पर उपलब्ध रहेंगी।
मेला क्षेत्र से 2 किमी दूर रुकेंगे वाहन
भीड़भाड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने एक सख्त यातायात और पार्किंग प्लान तैयार किया है:
- सभी बाहरी और निजी वाहनों को मेला क्षेत्र से लगभग दो किलोमीटर दूर तय पार्किंग स्थलों पर ही रोक दिया जाएगा।
- पार्किंग से श्रद्धालु ई-रिक्शा और टेंपो के माध्यम से ‘यूपीटी तिराहे’ तक आ सकेंगे।
- यूपीटी तिराहे से आगे का सफर पूरी तरह से पैदल तय करना होगा।
जिला अधिकारी का बयान
तैयारियों का जायजा लेते हुए चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग ने कहा: “सोमवती अमावस्या मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हमारा विशेष ध्यान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शुद्ध पेयजल, धूप से बचाव के लिए छाया और सुचारु यातायात व्यवस्था पर है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।”





















