सॉल्वर गैंग पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
लखनऊ, संवाददाता : देश में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मचे भारी बवाल के बीच उत्तर प्रदेश में आज (रविवार) से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आरक्षी भर्ती परीक्षा शुरू हो रही है। 32,679 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा को सकुशल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सूबे के सभी 75 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इस परीक्षा में लगभग 28 लाख अभ्यर्थी भाग्य आजमा रहे हैं, जिनके लिए प्रदेशभर में 1,100 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सरकार और प्रशासन के लिए यह परीक्षा सुरक्षा और पारदर्शिता की सबसे बड़ी कसौटी मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ऑफिस से सीधी मॉनिटरिंग
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव कार्यालय और पुलिस मुख्यालय स्तर से पल-पल की निगरानी की जा रही है। परीक्षा केंद्रों से लेकर प्रश्नपत्रों के परिवहन तक, हर चरण पर एसटीएफ,स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त निगरानी है। प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच एसटीएफ की मौजूदगी में ही केंद्रों तक पहुँचाया गया है।
सॉल्वर गैंग पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
नकल माफियाओं और सॉल्वर गैंग के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एसटीएफ की टीमें लगातार सक्रिय हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले एसटीएफ की टीमों ने सभी केंद्रों का कई बार दौरा किया। केंद्र प्रभारी से लेकर परीक्षकों तक से कई चरणों में पूछताछ की जा चुकी है। पूर्ण तस्दीक और वेरिफिकेशन के बाद ही उन्हें केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर डीएम और एसएसपी स्वयं कमान संभाल रहे हैं।
परिवहन के खास इंतजाम
चूंकि परीक्षा में 28 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं, इसलिए उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो, इसके लिए शासन ने विशेष इंतजाम किए हैं:अभ्यर्थियों के लिए ‘सफर’ हुआ आसान: परिवहन के खास इंतजाम चूंकि परीक्षा में 28 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं, इसलिए उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो, इसके लिए शासन ने जिलों में बड़े पैमाने पर परिवहन के विशेष इंतजाम किए हैं।
राजधानी लखनऊ से अलग-अलग 17 शहरों के लिए 125 अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया गया है। वहीं बदायूं जिले से 130 सरकारी और 43 अनुबंधित बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, रायबरेली से विभिन्न जिलों के लिए 173 बसों का संचालन किया गया है। गोंडा में भी रविवार की दोपहर तक 20 बसें आरक्षित खड़ी कर दी गईं, जबकि 50 अतिरिक्त बसें सड़कों पर उतारी गईं। इसी तरह अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद और मेरठ आदि प्रमुख जिलों में भी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 25 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया है।
दौड़ेंगी अनारक्षित ‘परीक्षा विशेष’ ट्रेनें
बसों के अलावा रेलवे ने भी छात्रों को बड़ी राहत दी है। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा गोरखपुर, लखनऊ, आजमगढ़, बलिया, बरेली और मथुरा के बीच अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ियां चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही नियमित ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सामान्य और स्लीपर कोच जोड़े गए हैं।
प्रशासन का कड़ा संदेश
शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक चेकिंग और सख्त प्रवेश प्रक्रिया लागू की गई है ताकि पूरी परीक्षा बिना किसी विवाद के संपन्न हो सके।





















