ज्वलनशील कूड़ा-कचरा और कबाड़ हटाने के निर्देश
वाराणसी/लखनऊ/संवाददाता : दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में फायर सेफ्टी को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर दमकल विभाग की टीमें प्रदेशभर के होटलों, गेस्ट हाउसों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में विशेष अभियान
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अंकुश मित्तल ने बताया कि प्रदेश के सभी फायर स्टेशनों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है।
कानपुर में मिली कई खामियां
कानपुर में फायर विभाग अलर्ट मोड पर है। घंटाघर क्षेत्र के होटलों और लॉजों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कई जगह अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। जांच में कई बहुमंजिला इमारतों में आपातकालीन निकास मार्गों की कमी और ज्वलनशील पदार्थों के असुरक्षित भंडारण जैसी गंभीर खामियां पाई गईं।
पुलिस-फायर विभाग की संयुक्त कार्रवाई
वाराणसी में गुरुवार को अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने व्यापक जांच अभियान चलाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में कैंटोनमेंट क्षेत्र और रेलवे स्टेशन के सामने स्थित परेड कोठी इलाके के कई बड़े और छोटे होटलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन और कर्मचारियों से सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा बेसमेंट और अन्य स्थानों पर जमा ज्वलनशील कूड़ा-कचरा एवं कबाड़ को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने पर जोर
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सभी प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने होटल संचालकों से कर्मचारियों को नियमित रूप से अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने की अपील की, ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
फायर उपकरणों की हुई जांच
अभियान के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्रों और अन्य सुरक्षा संसाधनों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी परखा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। संबंधित संचालकों को आवश्यक सुधार करने और निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।























