टैक्स चोरी करने वाली फर्जी फर्मों पर होगी और सख्त कार्रवाई
लखनऊ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए राजस्व वृद्धि के साथ-साथ ‘विश्वास आधारित प्रशासन’ का मॉडल पेश करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदार व्यापारियों को हर हाल में सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान मिलना चाहिए।
मुख्य बिंदु: यूपी कर प्रणाली की बड़ी उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। यूपी में रिफंड निस्तारण की औसत अवधि मात्र 27 दिन है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। प्रदेश में जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण में औसतन 8 दिन का समय लगता है, जो 14 दिनों के राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक करदाता देय तिथि तक अपना रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त कर उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया है। इसके तहत:
- जीएसटी का लक्ष्य: ₹1,49,956 करोड़
- वैट (VAT) का लक्ष्य: ₹48,115 करोड़
अप्रैल 2026 की स्थिति: राज्य ने अप्रैल महीने में 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व बटोरा है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.6% अधिक है। इसमें गौतमबुद्ध नगर जोन ₹1506 करोड़ (18% वृद्धि) के साथ आगे रहा, जबकि सहारनपुर में 35.1% और वाराणसी प्रथम में 33.2% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।
फर्जी फर्मों और कर चोरी पर कड़ा प्रहार
बैठक में टैक्स चोरी के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े भी साझा किए गए: बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में एफआईआर दर्ज कर 168 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। 7 नवंबर 2025 को गठित एसआईटी की मदद से 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ब्लॉक की गई है। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
जून से शुरू होगा खंड स्तर पर संवाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लंबित अपीलों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीक व डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर बल दिया। छोटे कारोबारियों को जागरूक करने के लिए जून 2026 से राज्य कर विभाग द्वारा खंड (ब्लॉक) स्तर पर विशेष संवाद और करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
























