“यह सिर्फ प्रयोग नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए संकल्प है” — कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह
बरेली : पेट्रोल-डीजल के गहराते संकट और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ मनाया गया। इस विशेष अभियान के तहत पूरे कैंपस के अंदर ईंधन से चलने वाले निजी और सरकारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रही। विश्वविद्यालय परिसर में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-कार्ट (ई-रिक्शा) के जरिये ही आवागमन सुचारू रूप से संचालित हुआ।
आमतौर पर रोजाना अपनी गाड़ियों से सीधे विभागों तक पहुंचने वाले वरिष्ठ अधिकारी और प्रोफेसर इस व्यवस्था का सम्मान करते हुए पैदल या ई-रिक्शा से अपने कार्यालयों तक पहुंचे।
मुख्य गेट पर ही पार्क कराए गए वाहन
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू किए गए इस नियम का पालन कराने के लिए मुख्य द्वार पर सख्त चेकिंग की गई।
- जो छात्र, उनके परिजन या पुरातन छात्र अपने निजी वाहनों से कैंपस पहुंचे, उन्हें मुख्य गेट के पास बने स्टैंड पर ही रोक दिया गया।
- वहां वाहन पार्क कराने के बाद सभी को विश्वविद्यालय की ओर से संचालित ई-रिक्शा के माध्यम से परिसर के अंदर भेजा गया।
- खुद विश्वविद्यालय के कुलसचिव हरीश चंद और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह ने अपनी गाड़ियों का उपयोग नहीं किया।
- चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रविंद्र सिंह और सुरक्षा प्रभारी सुधांशु कुमार पूरे दिन कैंपस में मौजूद रहकर लोगों से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग का आह्वान करते नजर आए।
कुलपति ने दिया ऊर्जा बचत और रूफटॉप सोलर सिस्टम का संदेश
‘नो व्हीकल डे’ की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने विश्वविद्यालय परिवार की इस सामूहिक कोशिश को सराहा।
कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने कहा:
यह केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ा संकल्प है। आज के ‘नो व्हीकल डे’ ने साबित कर दिया है कि जब समाज और विश्वविद्यालय परिवार ठान ले, तो ऊर्जा बचत, जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने और आत्मनिर्भर भारत के मार्ग को आसान बनाया जा सकता है।” कुलपति ने विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोगों को सुझाव दिया कि पर्यावरण और देश हित में हर व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक वाहनों, कार-पूलिंग, रेल यात्रा या पैदल चलने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रोफेसरों, कर्मचारियों और छात्रों से पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए अपने-अपने घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने की भी अपील की।
























