लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी तेज
वाराणसी/मथुरा, संवाददाता : पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास रविवार से शुरू हो गया है, जो 15 जून तक चलेगा। भगवान विष्णु को समर्पित इस विशेष मास के अवसर पर काशी, मथुरा और पूरे ब्रज क्षेत्र में धार्मिक उत्सवों और आयोजनों की भव्य तैयारियां की गई हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, श्रृंगार, झांकियां और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वाराणसी के गोदौलिया स्थित प्राचीन पुरुषोत्तम मंदिर के महंत शंकर दीक्षित ने बताया कि इस मास में भगवान विष्णु की पूजा से भक्तों के दुख दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दौरान भगवान को मालपुआ का भोग लगाया जाता है तथा 33 नामों से विशेष पूजा की जाती है। महंत ने बताया कि अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और भूमि क्रय जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
मथुरा और वृंदावन में 17 मई से 15 जून तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु ब्रज 84 कोस परिक्रमा, गोवर्धन सप्तकोसीय परिक्रमा और वृंदावन पंचकोसीय परिक्रमा करेंगे। ब्रज क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में होली, दिवाली, जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा और शरद पूर्णिमा जैसे उत्सवों की झलक पूरे महीने देखने को मिलेगी। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में विशेष सेवा-पूजा होगी, जबकि नंदगांव और बरसाना में रथ यात्रा, हरियाली तीज, गोपाष्टमी, दानलीला और धुलेंडी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को पांच जोन और 11 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य केंद्र, पार्किंग, पेयजल, सफाई और यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने परिक्रमा मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।





















