बैंकिंग और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली; रुपये की कमजोरी ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड
मुंबई : वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार दबाव में नजर आए। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में आई गिरावट के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 77,000 और निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तरों को बचाने में नाकाम रहे।
बाजार का लेखा-जोखा: प्रमुख सूचकांकों की स्थिति
कारोबारी सत्र के अंत में बाजार की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| सूचकांक | बंद स्तर | गिरावट/बढ़त | प्रतिशत |
| BSE सेंसेक्स | 76,886.00 | -416.72 | 0.54% ↓ |
| NSE निफ्टी-50 | 23,995.70 | -97.00 | 0.40% ↓ |
| निफ्टी मिडकैप-50 | — | +0.26% ↑ | (मजबूती) |
| स्मॉलकैप-100 | — | +0.42% ↑ | (मजबूती) |
गिरावट के मुख्य कारण
- वैश्विक संकेत: विदेशी बाजारों में छाई सुस्ती ने भारतीय बाजार पर दबाव बनाया।
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये में 40 पैसे से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की धारणा प्रभावित हुई।
- सेक्टरवार दबाव: बैंकिंग (Bank Nifty) और आईटी सेक्टर में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
- सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर: गिरावट का नेतृत्व एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, इंडिगो और मारुति सुजुकी ने किया, जिनके शेयर 2.5% से अधिक लुढ़क गए। इसके अलावा एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर में भी 1.5% से 2% की गिरावट दर्ज की गई।
- तेजी दिखाने वाले शेयर: बाजार की गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल में लगभग 1.5% की मजबूती रही। टाटा स्टील, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी चमक
बड़ी कंपनियों (Blue-chip stocks) के विपरीत छोटे और मझोले शेयरों में लिवाली देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.42% चढ़कर बंद हुआ, जो यह दर्शाता है कि खुदरा निवेशक अभी भी चुनिंदा मिडकैप शेयरों में भरोसा जता रहे हैं।























