दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस
नई दिल्ली, संवाददाता : पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ सांसद मोहसिना किदवई का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में सुबह करीब 4 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनके पार्थिव शरीर को आज दोपहर तीन बजे उनके नोएडा स्थित आवास (सेक्टर-40) से अंतिम यात्रा के लिए ले जाया जाएगा। शाम करीब पांच बजे उन्हें निजामुद्दीन कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रही थीं, कांग्रेस संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी थीं और गांधी परिवार के काफी करीबी रही थी। सांसद मनीष तिवारी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि किदवई एक कद्दावर नेता थीं और उन्होंने कई बार सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में देश की सेवा की। उन्होंने कहा कि वह बेहद सौम्य स्वभाव की थीं, उनके व्यक्तित्व में सरलता और विनम्रता झलकती थी और उनके चेहरे पर हमेशा एक आत्मीय मुस्कान रहती थी। मनीष तिवारी ने कहा कि उनके निधन से कांग्रेस पार्टी और राजनीतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
सांसद मोहसिना किदवई का राजनीतिक सफर
किदवई ने केंद्र सरकार में मंत्री रहीं, इसके अलावा वह हज कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। वह कई बार की सांसद रहीं और उन्होंने कांग्रेस महासचिव के रूप में भी कार्य किया। वह कांग्रेस कार्य समिति और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रहीं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने कई बार संसद (लोकसभा और राज्यसभा) का प्रतिनिधित्व किया। महिला सशक्तिकरण, अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता रही। वह यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी थीं और पार्टी की नीति निर्माण में अहम योगदान दिया।
मोहसिना किदवई 1 जनवरी 1932 को जन्मी थीं और उन्होंने कांग्रेस पार्टी में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे उत्तर प्रदेश की बाराबंकी जिले से जुड़ी रहीं और नेहरू-गांधी परिवार की करीबी नेता मानी जाती थीं। उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा की। इसके अलावा वे उत्तर प्रदेश सरकार में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी थीं।
























