32 अधिकारियों की टीम ने चलाया 8 घंटे का संयुक्त ऑपरेशन
उत्तराखंड, संवाददाता : आधुनिक एआई तकनीक की मदद से राज्य कर विभाग ने सितारगंज स्थित एक फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की कर चोरी का पर्दाफाश किया। राज्य कर आयुक्त सोनिका के निर्देशन में हल्द्वानी संभाग की तीन टीमों ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक साथ छापेमारी की और रात 11 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान बिक्री, स्टॉक, वित्तीय लेनदेन और खरीद से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज खंगाले गए।
फर्जी बिल, जाली चालान और छिपा हुआ कारोबार
जांच में भारी मात्रा में फर्जी बिल और जाली चालान बरामद हुए, जिससे कर चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। कंपनी पिछले कई महीनों से जीएसटी पोर्टल पर शून्य बिक्री दिखा रही थी, जबकि बैंक ट्रांजेक्शन में करोड़ों का लेनदेन सामने आया। साथ ही कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के जरिए डिमर्जर कर अपने वास्तविक कारोबार को छिपाने की कोशिश की थी। कार्रवाई के दौरान विभाग ने लगभग 76 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया और कंपनी प्रबंधन से 20 करोड़ रुपये की वसूली भी की। यह कार्रवाई विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जीएसटी अधिकारियों ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक तकनीक का उपयोग करते हुए एक डमी कंपनी तैयार की और आरोपित फर्म से कारोबारी संबंध बनाकर सबूत जुटाए। इस तकनीकी रणनीति ने पूरे कर चोरी के नेटवर्क को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई।
युवा अधिकारियों की अहम भूमिका
इस ऑपरेशन में सहायक आयुक्त आयुषी अग्रवाल और उज्ज्वल डालाकोटी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों एनआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल कर जांच को दिशा दी। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी दक्षिण भारत से कच्चा माल मंगाकर उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बिजली उपकरणों की सप्लाई कर रही थी, लेकिन कागजों में इस पूरे कारोबार को छिपाया गया था।























