प्रदेश की 140 में से 100 सीटों पर बढ़त के साथ कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी तय
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम : केरल विधानसभा चुनाव के सोमवार को आ रहे नतीजों ने दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) राज्य में भारी बहुमत के साथ सत्ता की ओर बढ़ रहा है। इस शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने केरल की जनता का शुक्रिया अदा करते हुए इसे ‘भरोसे की जीत’ करार दिया है।
“ईमानदारी और विनम्रता से पूरे करेंगे वादे”
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर केरल के मतदाताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
“केरल के मेरे सभी भाइयों और बहनों, आपके जबरदस्त समर्थन के लिए धन्यवाद। आपने हम पर जो भरोसा जताया है, वह यूडीएफ का मार्गदर्शन करेगा। हम आप में से प्रत्येक के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में कड़ी मेहनत करेंगे।”
उन्होंने आगे विश्वास दिलाया कि कांग्रेस और यूडीएफ की टीम अगले पांच वर्षों तक जनता की सेवा में समर्पित रहेगी और अपने चुनावी वादों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएगी।
वायनाड में ‘क्लीन स्वीप’: 7 में से 7 सीटें गठबंधन के नाम
वायनाड लोकसभा उपचुनाव और विधानसभा सीटों पर मिले भारी जनसमर्थन का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी विशेष रूप से भावुक दिखीं। उन्होंने कहा:
- शानदार जनादेश: वायनाड की सभी 7 विधानसभा सीटों पर यूडीएफ ने जीत दर्ज की है।
- 8 प्रतिनिधि: प्रियंका ने बताया कि अब वायनाड के पास कुल 8 प्रतिनिधि (7 विधायक और 1 सांसद) हैं, जो क्षेत्र के विकास के लिए एक टीम के रूप में काम करेंगे।
- पारिवारिक रिश्ता: उन्होंने वायनाड की जनता को अपने परिवार की तरह बताते हुए कहा कि यह जीत यूडीएफ के प्रति उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है।
एंटी-इंकम्बेंसी की लहर में ढहा ‘लाल किला’
केरल के मौजूदा रुझानों में यूडीएफ करीब 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है या जीत चुका है, जो एलडीएफ (LDF) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी के सक्रिय प्रचार और वायनाड से उनके जुड़ाव ने कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। केरल की जनता ने ‘एक बार एलडीएफ, एक बार यूडीएफ’ की अपनी पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए इस बार सत्ता की चाबी कांग्रेस के हाथों में सौंप दी है।
























