परिवार की विरासत का दिया हवाला; 2027 के चुनाव और विनेश फोगाट के सवाल पर साधी चुप्पी
मुजफ्फरनगर: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज नेता बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। मुजफ्फरनगर के नसीरपुर गांव में एक शोक सभा में शामिल होने पहुंचे सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वह अभी भारतीय जनता पार्टी के साथ ही हैं। चर्चाओं पर चुटकी लेते हुए उन्होंने मशहूर फिल्मी गाने की पंक्ति दोहराई— “कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।” उन्होंने साफ किया कि उनके पाला बदलने की खबरें केवल अफवाहें हैं और उनकी निष्ठा वर्तमान में अपनी पार्टी के प्रति अडिग है।
अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए बृजभूषण सिंह ने अपने परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे स्वयं छह बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में उनका एक बेटा सांसद व दूसरा बेटा विधायक है, जबकि उनकी पत्नी भी पूर्व में सांसद रह चुकी हैं। इस बयान के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका परिवार राजनीति में एक मजबूत जड़ें जमा चुका स्तंभ है और किसी भी फैसले को लेने से पहले वे अपनी इस लंबी सक्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हैं।
हालाँकि, जहाँ एक ओर उन्होंने दल-बदल की खबरों को शांत किया, वहीं दूसरी ओर भविष्य की रणनीति पर रहस्य बरकरार रखा। आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई भी ठोस जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी भविष्य की रणनीति पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इसी तरह, पहलवान विनेश फोगाट द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों से जुड़े सवालों को भी वे कुशलता से टाल गए और इस संवेदनशील विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से परहेज किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बृजभूषण सिंह का यह बयान उनके समर्थकों को एकजुट रखने की एक कोशिश है, लेकिन 2027 के चुनाव और अन्य विवादों पर उनकी चुप्पी यह संकेत देती है कि पर्दे के पीछे भविष्य की गोटियां अभी सेट की जा रही हैं। फिलहाल के लिए, उनके इस स्पष्टीकरण ने उन अटकलों पर धूल डाल दी है जिनमें उनके सपा के करीब जाने के दावे किए जा रहे थे।






















