शिकायत से खुला ‘मैरिज ब्यूरो’ का राज
संवाददाता, कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने शादी के नाम पर देश भर के युवाओं से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह नकली मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए कुंवारे लड़कों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने नौबस्ता थाना क्षेत्र में चल रहे तीन हाईटेक कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना रंजीश कुमार गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, उसके तीन मुख्य साथी अमित, करम पटेल और जागृति फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
ऐसे जाल में फंसाते थे शिकार
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने नौबस्ता इलाके में तीन आलीशान कॉल सेंटर खोले हुए थे, जहां 23 लड़कियों को दिन-रात लड़कों को जाल में फंसाने के काम पर लगाया गया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इन सभी 23 टेलीकॉलर लड़कियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद हैरान करने वाला था ये लोग सोशल मीडिया और विभिन्न वेबसाइटों से शादी के योग्य लड़कों के मोबाइल नंबर चुराते थे। कॉल सेंटर की लड़कियां खुद को नामी मैरिज ब्यूरो की काउंसलर बताकर लड़कों को फोन करती थीं। इंटरनेट से आम लड़कियों की तस्वीरें डाउनलोड की जाती थीं और फिर AI टूल्स व फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उन्हें बेहद आकर्षक और खूबसूरत प्रोफाइल में बदल दिया जाता था। लड़कों को पूरी तरह विश्वास में लेने के लिए कॉल सेंटर की लड़कियां ही अलग-अलग नंबरों से खुद लड़की बनकर लड़कों से प्यार भरी बातें करती थीं।
4 लाख की ठगी के बाद खुला राज
इस बड़े स्कैम का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के मुताबिक, कुछ लोगों ने मैरिज ब्यूरो का संचालक बनकर उससे शादी कराने के नाम पर करीब 4 लाख रुपये ठग लिए थे। जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह ‘परफेक्ट रिश्ते’, ‘शादी मैच इंडिया’ और ‘शादी मैच’ जैसी फर्जी कंपनियों के नाम पर पूरा नेटवर्क चला रहा था। दिल्ली में सख्ती होने के बाद इस गिरोह ने कानपुर को अपना नया सुरक्षित ठिकाना बना लिया था।
दफ्तर से बरामद हुआ सामानों का जखीरा
पुलिस की छापेमारी के दौरान इन तीनों कॉल सेंटरों से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से कुल 43 कीपैड मोबाइल, 13 एंड्रॉयड स्मार्टफोन, 3 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 5 क्यूआर कोड, 40 रजिस्टर, 10 एटीएम कार्ड, 8 चेकबुक और भारी मात्रा में प्रचार सामग्री जब्त की है। इसके अलावा पुलिस जांच में गिरोह के 11 अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी मिली है। ये खाते देश के बड़े बैंकों जैसे बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, पीएनबी, एसबीआई, इंडियन बैंक और केनरा बैंक में संचालित हो रहे थे। इन खातों में देश भर के लोगों से ठगे गए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है, जिन्हें पुलिस अब पूरी तरह खंगाल रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पकड़े गए मुख्य आरोपी और हिरासत में ली गई लड़कियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही गिरोह के बाकी फरार सदस्यों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।























