1,400 करोड़ रुपये के घोटाले का किया दावा
लखनऊ, संवाददाता : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला है। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने देश की जनता की आस्था के साथ छल किया है और धर्म के नाम पर सौदा किया जा रहा है। उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े पैमाने पर ‘संगठित लूट’ होने का दावा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना
अजय राय ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि श्रीरामजन्मभूमि को लेकर जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। उन्होंने कहा: “श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट में एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट नृपेंद्र मिश्रा को चेयरमैन बनाया गया, जो 5 साल 3 महीने तक नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव थे। यानी, इस संगठित लूट के सीधे ज़िम्मेदार खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।”
ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा: गोपाल राव: ये पहले से ही विवादित रहे हैं।, चंपत राय सारा माल लेकर चंपत हो गए।, अनिल मिश्रा समेत RSS की पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को सिर्फ पद बांटने के लिए ट्रस्ट में शामिल किया गया था। अजय राय ने दावा किया कि अब इस मामले में सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया जाना खुद इस बात का सबूत है कि ट्रस्ट के भीतर बहुत ही जबरदस्त तरीके से गड़बड़ी हुई है।
1,400 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा
भाजपा और वीएचपी को घेरते हुए अजय राय ने शिलापूजन के समय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले BJP-RSS के लोगों ने श्रीरामजन्मभूमि में शिलापूजन के नाम पर देश-विदेश से खूब पैसे वसूले, जिसका आज तक कोई लेखा-जोखा नहीं है। उन्होंने इसे 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी करार दिया और सवाल किया कि विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल को यह बताना चाहिए था कि वह पैसा कहां गया?
एसआईटी की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले की जांच कर रही SIT पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जांच के लिए जिस अधिकारी को ज़िम्मेदारी सौंपी है, वह खुद विवादों में हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे से जुड़ी SIT की रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर सार्वजनिक की जानी चाहिए। अजय राय ने तंज कसते हुए कहा, “अफसोस इस बात का है कि एसआईटी में उस अधिकारी को जांच दी गई है, जिसके ऊपर खुद महाकुंभ में मची भगदड़ से जुड़ी जांच चल रही है।
अजय राय के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राम मंदिर ट्रस्ट के बहाने भ्रष्टाचार और पारदर्शिता का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार को पूरी तरह घेरने का मन बना लिया है।























