पीलीभीत दूसरे स्थान पर, श्रावस्ती और अमेठी ने संयुक्त रूप से हासिल किया तीसरा स्थान
लखनऊ,संवाददाता : प्रदेश में विकास कार्यों और जनशिकायतों के निस्तारण की निगरानी अब प्रशासनिक प्रदर्शन का महत्वपूर्ण पैमाना बनती जा रही है। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की अप्रैल माह की रिपोर्ट में रामपुर ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। पीलीभीत दूसरे स्थान पर रहा, जबकि श्रावस्ती और अमेठी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रदेश सरकार की ओर से 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की प्रत्येक माह समीक्षा की जाती है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग निर्धारित होती है। अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने 140 में से 138 अंक हासिल कर 98.57 प्रतिशत प्रदर्शन के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जा रहा है। साथ ही आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर लगातार चौथे महीने पहले स्थान पर बना हुआ है। पीलीभीत ने 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जनसुनवाई और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके कारण जिला लगातार चार माह से शीर्ष रैंकिंग में बना हुआ है। वहीं श्रावस्ती और अमेठी ने 136-136 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। श्रावस्ती की जिलाधिकारी Annapurna Garg ने बताया that विकास परियोजनाओं की नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है और शिकायतों को संतुष्टिपूर्ण फीडबैक मिलने के बाद ही बंद किया जाता है।
टॉप-10 में शामिल रहे ये जिले
आईजीआरएस रिपोर्ट में हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूँ, बाराबंकी और बलिया भी शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहे। प्रदेश सरकार का मानना है कि आईजीआरएस की सख्त मॉनिटरिंग से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ी है और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिली है।























