प्रशासनिक फेरबदल के लिए समय-सीमा तय; भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
लखनऊ,संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की वार्षिक तबादला नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति कल यानी मंगलवार से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नई तबादला नीति के तहत संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) और संबंधित मंत्री मिलकर कर्मचारियों के तबादले का फैसला कर सकेंगे।
नीति में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान किया गया है कि किसी भी विभाग में कुल स्वीकृत पदों (Sanctioned Strength) का अधिकतम 10 प्रतिशत ही तबादले के माध्यम से भरा जा सकेगा। यह नीति सरकारी कर्मचारियों के वार्षिक तबादलों को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे एक ओर जहां कर्मचारियों को उचित समय पर स्थानांतरण का मौका मिलेगा, वहीं विभागों में अत्यधिक तबादलों से बचते हुए कार्य व्यवस्था बनी रहेगी।
मुख्य बातें:
- नीति कल (5 मई) से लागू
- विभागाध्यक्ष और मंत्री संयुक्त रूप से तबादले तय करेंगे
- अधिकतम 10% स्वीकृत क्षमता तक ही तबादला संभव
पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ लागू
कैबिनेट की इस अहम फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। विस्तृत दिशा-निर्देश और ऑनलाइन प्रक्रिया शीघ्र ही जारी किए जाने की संभावना है।सरकारी सूत्रों के मुताबिक, तबादला नीति को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे मनमानी और सिफारिशों पर आधारित तबादलों पर अंकुश लगेगा।






















