“मुझ पर बलात्कार और बच्चा बेचने जैसे केस लगाए गए”- इंदौर में छलका कैबिनेट मंत्री का दर्द
इंदौर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने सोमवार सुबह पूरे देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। बंगाल में भाजपा द्वारा बहुमत का आंकड़ा पार करने के साथ ही मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान वे कैमरे के सामने ही फफक कर रो पड़े।
6 साल की मानसिक पीड़ा और न्याय की जीत
रुझानों में भाजपा की जीत सुनिश्चित देख विजयवर्गीय ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक शुचिता की जीत है। उन्होंने कहा:
“ममता बनर्जी ने मुझ पर 38 केस दर्ज करवाए थे। मुझ पर बलात्कार और बच्चा बेचने जैसे घिनौने और गैर-जमानती आरोप लगाए गए। पिछले 6 सालों से मैं जिस मानसिक प्रताड़ना से गुजरा हूं, उसे बयां नहीं किया जा सकता। ये आंसू दुख के नहीं, बल्कि प्रसन्नता और न्याय मिलने की खुशी के हैं।”
‘ममता सरकार में अफसर और गुंडों का नेक्सस’
मंत्री विजयवर्गीय ने बंगाल की तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘नेक्सस राज’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता, कुछ चुनिंदा अफसर और गुंडे मिलकर सरकार चला रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि:
- भाजपा कार्यकर्ताओं और संघ के प्रचारकों को झूठे मुकदमों में फंसाकर प्रताड़ित किया गया।
- ममता सरकार ने सीबीआई (CBI) और इनकम टैक्स अधिकारियों तक पर केस दर्ज किए।
- बंगाल में सेना को घेरने और उन पर कानूनी कार्रवाई करने की कोशिशें की गईं।
न्यायपालिका के प्रति जताया आभार
विजयवर्गीय ने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें जेल भेजने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन देश की निष्पक्ष न्यायपालिका की वजह से उन्हें आज न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के हस्तक्षेप के बिना उनके लिए आज इस जीत को देख पाना संभव नहीं होता।
बंगाल भाजपा के ‘आर्किटेक्ट’ रहे हैं विजयवर्गीय
गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय 2015 से 2021 तक बंगाल के प्रभारी रहे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी सफलता के पीछे उनकी रणनीतियों का बड़ा हाथ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी वे बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे, हालांकि मुकदमों के चलते उन्हें कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
























