तबादला नीति, डीए बढ़ोतरी और विकास कार्यों पर बड़े फैसलों की उम्मीद
लखनऊ,संवाददाता : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज़ से एक अहम कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सीएम योगी की अध्यक्षता में दोपहर 3 बजे उनके आवास पर होगी। माना जा रहा है कि इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है, जिनका सीधा असर लाखों कर्मचारियों और विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा।
तबादला नीति पर मुख्य फोकस
बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा नई तबादला नीति को मंजूरी देना है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस वर्ष की ट्रांसफर पॉलिसी को अंतिम रूप दे रही है, जिसके तहत 31 मई तक कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे। नई नीति के अनुसार: जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरा कर चुके कर्मचारी तबादले के दायरे में आएंगे इसका उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को खत्म करना है
दंपत्ति कर्मचारियों को राहत
सरकार मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान भी ला सकती है कि पति-पत्नी यदि दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो उन्हें एक ही स्थान या आसपास तैनात करने का प्रयास किया जाएगा। इससे पारिवारिक संतुलन और कार्यक्षमता दोनों में सुधार होगा।
दिव्यांग और गंभीर बीमार कर्मचारियों को छूट
नई नीति में संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रस्ताव है कि: दिव्यांग कर्मचारियों को तबादले से राहत मिले और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को बार-बार स्थानांतरण से बचाया जाए ।
आकांक्षी जिलों में पद खाली नहीं रहेंगे
सरकार आकांक्षी जिलों में किसी भी पद को खाली न रखने की नीति को जारी रख सकती है। इससे:
- प्रशासनिक मजबूती बढ़ेगी
- पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी
महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद
बैठक में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हो सकता है। 2% महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है यह बढ़ोतरी जनवरी से लागू मानी जाएगी इस फैसले से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा और बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिलेगी।
सड़क निर्माण और बिटुमेन कीमतों पर चर्चा
हाल के दिनों में बिटुमेन (तारकोल) की कीमतों में वृद्धि से सड़क निर्माण प्रभावित हुआ है। कैबिनेट में इस पर चर्चा होगी कि: पुराने टेंडरों में लागत वृद्धि की भरपाई कैसे की जाए निर्माण एजेंसियों को किस प्रकार राहत दी जाए । संभावना है कि सरकार इस पर कोई समायोजन नीति या राहत पैकेज ला सकती है।
विकास कार्यों को गति देने की तैयारी
बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, विशेषकर सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़ाने पर भी विचार होगा। बेहतर कनेक्टिविटी को राज्य के आर्थिक विकास के लिए अहम माना जा रहा है।























